भालू के हमले से ग्रामीण गंभीर रूप से घायल

मवई में भालू के हमले से ग्रामीण गंभीर रूप से घायल

एंबुलेंस न पहुंचने और अस्पताल की अव्यवस्था से लोगों में भारी आक्रोश

  • वन विभाग की गश्त पर उठे सवाल
  • भालू के हमले के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं की लचर व्यवस्था की भी खुली पोल

मंडला महावीर न्यूज 29.  विकासखंड मवई के अंतर्गत आने वाले वन ग्राम सैदा में गुरुवार सुबह भालू के हमले में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान विजय बहादुर उइके 38 वर्ष पिता चंदू सिंह उइके के रूप में हुई है। इस घटना के बाद समय पर 108 एंबुलेंस न पहुंचने और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवई में पर्याप्त उपचार न मिलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।जानकारी अनुसार विजय बहादुर उइके गुरुवार सुबह पिहरी खोजने साथी सेव सिंह यादव, सुनील धुर्वे के साथ जंगल की ओर गए थे, पिहरी की तलाश करते-करते सभी साथी दूर दूर हो गये,इसी दौरान झाड़ियों से अचानक एक भालू ने दो शावको सहित उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके दाहिने हाथ की बांह गंभीर रूप से जख्मी हो गई। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। अंतत: परिजन घायल को बस से मवई अस्पताल ले गए। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार तो कर दिया गया, लेकिन दर्द से कराह रहे मरीज को आराम के लिए बेड तक नहीं मिला। वह घंटों तक अस्पताल के बरामदे में कंबल ओढ़कर मंडला रेफर होने का इंतजार करता रहा।

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा 

इस घटना ने वन विभाग की लचर गश्त और निगरानी व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि यदि जंगलों में नियमित गश्त होती, तो भालू की आवाजाही की जानकारी पहले से मिल जाती और ग्रामीणों को सतर्क किया जा सकता था। समय पर चेतावनी, मुनादी या सूचना बोर्ड लगाए जाते तो लोग उस क्षेत्र में जाने से बचते और यह हादसा टल सकता था। निगरानी के अभाव में जंगलों में अवैध पेड़ों की कटाई जैसी गतिविधियां भी लगातार सामने आ रही हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने की मांग 

वनांचल क्षेत्र होने के कारण मवई में वन्यजीवों के हमले और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि वन विभाग की निगरानी सख्त की जाए और 108 एंबुलेंस सेवा के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवई में आपातकालीन सुविधाओं बेड और चिकित्सकीय संसाधन को सुधारा जाए, जिससे भविष्य में किसी घायल को ऐसी अमानवीय स्थिति का सामना न करना पड़े।

सरपंच ग्राम पंचायत मझगांव श्रीमती शांताबाई धुर्वे ने ग्रामीणों से अपील की है कि अंधेरे में जंगल ना जाए,अति आवश्यकता होने पर समूह के माध्यम से संगठित होकर दिन में जंगल जाएं घने जंगल एवं झाड़ियां के बीच में ना जाएं


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