आदिवासी अंचल की रेल समस्याओं पर दिल्ली में हलचल
रेल राज्य मंत्री के कार्यालय से हुई सकारात्मक चर्चा, सौंपे गए 5 मांग पत्र
- ट्रेन नहीं, नई जिंदगी
- मंडला की रेल मांगों को लेकर रेल कार्यकर्ता की पहल
- व्हाट्सएप पर सौंपे गए 5 अहम प्रस्ताव
मंडला/नई दिल्ली/मंडला महावीर न्यूज 29. महाकौशल और आदिवासी बाहुल्य अंचल में रेल सुविधाओं के विस्तार और लंबित मांगों को लेकर दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व से बेहद सकारात्मक संकेत मिले हैं। स्वतंत्र रेल कार्यकर्ता और सजग जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों का असर अब सीधे रेल मंत्रालय के गलियारों में दिखाई देने लगा है। अंचल की समस्याओं को लेकर हाल ही में रेल राज्य मंत्री के कार्यालय से सकारात्मक चर्चा हुई है, जिसके बाद 5 महत्वपूर्ण मांग पत्र सौंपे गए हैं।
विधायक ने रेल मंत्री के निवास पर सौंपा था मांग पत्र
हाल ही में क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक नारायण सिंह पट्टा ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलने का प्रयास किया था। अत्यधिक व्यस्तता के चलते औपचारिक मुलाकात तो नहीं हो सकी, लेकिन विधायक ने रेल मंत्री के निवास पर अपना मांग पत्र सौंप दिया था। जानकारी के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने निवास लौटने के बाद मामले को संज्ञान में लिया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

रेल राज्य मंत्री के PA से फोन पर हुई गंभीर चर्चा
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए स्वतंत्र रेल कार्यकर्ता एवं डिजिटल मीडिया संपादक नितिन सोलंकी ने सीधे रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के पर्सनल मोबाइल नंबर पर संपर्क साधा। दूरभाष पर हुई इस चर्चा में रेल राज्य मंत्री के पीए (PA) ने अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ आदिवासी अंचल की जटिल रेल समस्याओं को सुना। चर्चा के दौरान रेल कार्यकर्ता द्वारा अवगत कराया गया कि ये रेल सुविधाएं सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि इस पिछड़े आदिवासी अंचल के लोगों के लिए एक नई जिंदगी और विकास की नई उम्मीद हैं।

व्हाट्सएप के जरिए प्रेषित किए गए 5 प्रमुख मांग पत्र
रेल राज्य मंत्री के कार्यालय ने इस विषय पर बेहद सकारात्मक रुख दिखाया। मंत्री जी के पीए ने आश्वस्त करते हुए कहा, “अभी माननीय मंत्री जी एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त हैं। जैसे ही बैठक समाप्त होगी, मैं व्यक्तिगत रूप से आपकी इन मांगों से उन्हें अवगत कराऊंगा।”
उनके निर्देशानुसार, अंचल की रेल समस्याओं और नए कॉरिडोर से जुड़े 5 महत्वपूर्ण मांग पत्र तुरंत रेल राज्य मंत्री के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर प्रेषित कर दिए गए। भेजे गए संदेश में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि: “हमारे क्षेत्र के लोगों के लिए रेल सेवा का विस्तार केवल परिवहन नहीं, बल्कि विकास की नई उम्मीद है। हमें पूरी आशा है कि माननीय मंत्री जी इस विषय पर उचित और त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश जारी करेंगे।”
‘ट्रेन नहीं, नई जिंदगी’: क्षेत्र में जगी विकास की आस
इस उच्च स्तरीय सकारात्मक चर्चा के बाद महाकौशल क्षेत्र के रेल प्रेमियों और आम जनता में एक नई उम्मीद जगी है। आदिवासी अंचल को मुख्यधारा से जोड़ने और रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की इस मुहिम को अब सीधे रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के स्तर से गति मिलने की प्रबल संभावना दिखाई दे रही है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि इन मांगों पर अमल होता है, तो यह महाकौशल और मध्य भारत के विकास के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।










