मनमाने किराए के विरोध में खूंटानाला पुल पर चक्का जाम
पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद खुला मार्ग
- वाहन संचालकों की मनमानी पर भड़के ग्रामीण
- बिना आदेश किराया बढ़ाने पर देवहार में प्रदर्शन
- पूर्व निर्धारित किराया ही होगा लागू
खूंटानाला पुल पर बढ़े किराए के विरोध में चक्का जाम, पुलिस के हस्तक्षेप से बनी सहमति
मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम पंचायत देवहार के अंतर्गत खूंटानाला–सुरंगवानी पुल पर यात्री वाहन संचालकों द्वारा मनमाने ढंग से किराया बढ़ाए जाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। बाद में पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप और उचित आश्वासन के बाद मार्ग को खोल दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि परिवहन विभाग द्वारा किराए में कोई आधिकारिक वृद्धि नहीं की गई है, इसके बावजूद कुछ वाहन संचालक अपनी मनमर्जी से यात्रियों से अतिरिक्त किराया वसूल रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि शासन या परिवहन विभाग किराया बढ़ाता है, तो वे उसका पालन करेंगे, लेकिन बिना किसी सरकारी आदेश के अतिरिक्त किराया देना उन्हें स्वीकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ग्राम देवगांव में भी इसी मुद्दे को लेकर चक्का जाम किया गया था, लेकिन वाहन संचालकों ने अपनी मनमानी बंद नहीं की थी।

पुलिस की समझाइश और प्रमुख निर्णय
प्रदर्शन और चक्का जाम की सूचना मिलते ही टिकरिया थाना प्रभारी प्रदीप पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों और वाहन संचालकों से चर्चा कर निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनवाई:
- किराए में कोई वृद्धि नहीं: यह तय हुआ कि यात्रियों से केवल पूर्व से निर्धारित किराया ही लिया जाएगा।
- छात्रों को छूट: प्रतिदिन आवागमन करने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं को किराए में पहले की तरह ही छूट प्रदान की जाएगी।
इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और यातायात सुचारू हो सका।
ग्रामीणों की मांगें और चेतावनी
- वाहनों की सघन जांच: ग्रामीणों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि सभी यात्री वाहनों की फिटनेस, बीमा, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की सघन जांच की जाए ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
- उग्र आंदोलन की चेतावनी: ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में दोबारा मनमाने तरीके से किराया वसूला गया, तो आम जनता का शोषण रोकने के लिए और अधिक व्यापक व उग्र आंदोलन किया जाएगा।










