मंगल प्रवेश-विद्या रूपी समय के सागर की अनंत विमल सरिताएं

पिंडरई में आर्यिका श्री 105 विमल मति माता जी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश

चातुर्मास को लेकर जैन समाज में अपार उत्साह

  • विद्या रूपी समय के सागर की अनंत विमल सरिताएं
  • व्रती नगरी पिंडरई में सात माताओं के चातुर्मास से धर्मप्रेमी गदगद

मंडला महावीर न्यूज 29.  जिले के लघु तीर्थ क्षेत्र एवं व्रती नगरी के रूप में विख्यात पिंडरई में संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज की परम प्रभावी शिष्या एवं विद्या शिरोमणि आचार्य महाराज श्री समयसागर जी की आज्ञानुवर्ती आर्यिका श्री 105 विमल मति माता जी ससंघ का चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस वर्ष पिंडरई वासियों को परम सौभाग्य से एक साथ भगवती स्वरूप सात माताओं का पावन सान्निध्य प्राप्त होने जा रहा है, जिसे लेकर पूरे नगर में उत्साह का माहौल है।

हर्षोल्लास के साथ हुई आगवानी और हुई मंगल देशना

सकल दिगंबर जैन समाज ने बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ आर्यिका संघ की आगवानी की। नगर में प्रवेश के पश्चात माता जी ससंघ ने स्थानीय जिनालयों के दर्शन और वंदना की। इसके उपरांत, पूज्य आर्यिका मां विमल मति माता जी ने अपनी मंगल देशना (प्रवचन) दी, जिसका लाभ उपस्थित समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं ने प्राप्त किया।

पुलिस प्रशासन का माना आभार

कार्यक्रम के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष चौधरी कैलाश चंद्र जी ने साधु सेवा समिति के पदाधिकारी ऋषभ जैन जी को जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य आर्यिका संघ की भव्य आगवानी में पुलिस और स्थानीय प्रशासन का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। इस सुचारू व्यवस्था के लिए समाज ने प्रशासन के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया है।

देशभर के जैन समाज को आमंत्रण

इस पावन अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज, लघु तीर्थ क्षेत्र व्रती नगरी पिंडरई द्वारा पूरे भारतवर्ष के जैन समाज को एक विशेष आमंत्रण भी भेजा गया है। समाज ने देशभर के श्रद्धालुओं से चातुर्मास के दौरान पिंडरई पधारकर “विद्या रूपी समय के सागर की अनंत विमल सरिताओं” में डुबकी लगाने और धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की है।


Leave a Comment