घुघरी के लाटो में अधूरा पुल बना जी का जंजाल
जनपद पंचायत घुघरी की ग्राम पंचायत लाटो में पुल निर्माण कार्य अधूरा छूटा
- लकड़ी के सहारे जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे स्कूली बच्चे
- लाटो ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य अधर में लटका
- बारिश में उफान पर नाला, जिम्मेदार बेपरवाह, हादसे का डर
- उफनते नाले पर लकड़ी के सहारे आवागमन कर रहे स्कूली बच्चे
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले के जनपद पंचायत घुघरी से विकास के दावों की पोल खोलती एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहाँ की ग्राम पंचायत लाटो के नंदा मोहल्ला में निर्माणाधीन पुल का कार्य बीच में ही अधूरा छोड़ दिए जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून की शुरुआत और लगातार हो रही बारिश के कारण नाला उफान पर है, जिससे यहाँ की स्थिति बेहद गंभीर और डरावनी हो गई है। प्रशासन और निर्माण एजेंसी की इस घोर लापरवाही के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

स्कूली बच्चों के भविष्य और जान से खिलवाड़
पुल का निर्माण कार्य पूर्ण न होने के कारण ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से सीधा संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। सबसे ज्यादा हृदयविदारक स्थिति स्कूली बच्चों की है, जिन्हें उफनते नाले को पार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नाले के ऊपर रखी एक पतली लकड़ी के सहारे संतुलन बनाते हुए इसे पार करते हैं। यदि पैर थोड़ा सा भी फिसला, तो बच्चे सीधे उफनते नाले के तेज बहाव में समा सकते हैं। हर समय मंडराते इस खतरे के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

लंबे समय से बंद पड़ा है निर्माण कार्य
स्थानीय ग्रामीणों ने ‘मंडला महावीर न्यूज 29’ को अपना आक्रोश जताते हुए बताया कि इस पुल का निर्माण कार्य पिछले लंबे समय से बंद पड़ा है। ठेकेदार और संबंधित निर्माण एजेंसी काम आधा छोड़कर गायब हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत से लेकर संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक इस अधूरे कार्य को दोबारा शुरू कराने की दिशा में कोई ठोस प्रशासनिक पहल नहीं की गई है।
बुजुर्गों और मरीजों के सामने खड़ा हुआ संकट
वर्तमान में नाले के उफान पर होने से स्कूली छात्र-छात्राओं के अलावा सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अचानक बीमार होने वाले मरीजों को उठानी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या कोई भी वाहन मोहल्ले तक नहीं पहुंच पाता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद सीईओ और संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि मामले को संज्ञान में लेते हुए अधूरे पुल का कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित मार्ग मिल सके और किसी संभावित बड़े हादसे को वक्त रहते टाला जा सके।










