खटिया पुलिस की अनूठी पहल
ग्राम इन्द्री में रात्रि चौपाल लगा ग्रामीणों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर
- रुको–सोचो–फिर कार्रवाई करो
- सेफ क्लिक 2.0 के तहत मंडला पुलिस ने दी डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी फ्रॉड से बचने की सीख
मंडला महावीर न्यूज 29. ग्रामीण अंचलों में तेजी से पैर पसार रहे डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए मंडला पुलिस अब सीधे मैदान में उतर आई है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार संचालित “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जागरूकता अभियान के तहत ग्राम इन्द्री में एक विशेष ‘रात्रि चौपाल’ का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री राजेश रघुवंशी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री शिव कुमार वर्मा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी नैनपुर श्री मनीष राज के नेतृत्व में खटिया थाना प्रभारी निरीक्षक भानुप्रताप सिंह भवेदी द्वारा इस चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को साइबर अपराधियों के जाल से बचने का सीधा संदेश दिया गया।
‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘लोन फ्रॉड’ जैसे नए पैंतरे समझाए
रात्रि चौपाल के दौरान बड़ी संख्या में जुटे सरपंच, पंच, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को वर्तमान समय में चल रहे साइबर ठगी के नए तरीकों से अवगत कराया गया। थाना प्रभारी ने बेहद सरल भाषा में ग्रामीणों को समझाया कि कैसे अपराधी ‘डिजिटल अरेस्ट’, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड, KYC अपडेट, UPI एवं बैंकिंग धोखाधड़ी, निवेश (Invetment) व लोन फ्रॉड के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने हिदायत दी कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाले संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
ब्रह्मास्त्र है ‘1930’ हेल्पलाइन: समय पर सूचना से वापस मिल सकता है पैसा
चौपाल में उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत कदम उठाने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि:
- यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह बिना डरे और बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
- समय रहते (गोल्डन आवर्स में) दी गई सूचना से ठगी गई राशि को अपराधियों के खाते में होल्ड (फ्रिज) कराया जा सकता है।
घर-घर साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर मंडला पुलिस ने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि वे न केवल स्वयं सतर्क रहें, बल्कि अपने परिवार, पड़ोस और पूरे गांव को इस खतरे के प्रति सचेत करें।
मंडला पुलिस का मूलमंत्र: “रुको – सोचो – फिर कार्रवाई करो। किसी भी अनजान दबाव या प्रलोभन में न आएं और साइबर ठगी की सूचना तत्काल 1930 पर दर्ज कराएं।”











