स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता में टॉप पर, सीएम डॉ. मोहन बोले- माता-पिता के बाद डॉक्टर ही भगवान
आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में कार्यक्रम आयोजित
- सीएम डॉ. यादव ने पल्स पोलियो अभियान और सुमन पंचायत कार्यक्रम की शुरुआत की
- प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी के शासन के 12 वर्ष हमारे लिए वरदान
भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. ‘कहावत है कि हमने भगवान नहीं देखा, लेकिन कष्ट से समय जब हम डॉक्टरों को अपना इलाज करते देखते हैं और ठीक होते हैं तो हमें लगता है कि माता-पिता के बाद यही भगवान हैं, जो हमारे सामने खड़े हैं। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि हमारे सभी फील्ड के डॉक्टरों का रिकॉर्ड तारीफ के काबिल है। हमने सरकार के गठन के साथ ही स्वास्थ्य को प्राथमिकता पर रखा। यही कारण है कि हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई प्रयोग भी किए। हमने दो मंत्रालयों को एक किया, भले ही यह चुनौतीपूर्ण था।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 जून को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में कही। सीएम डॉ. यादव ने यहां पल्स पोलियो अभियान और सुमन पंचायत कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने स्टेट एंट्रीबेक्टीरियल रेजिस्टेंस 2.0 पॉलिसी का अनावरण भी किया। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान और स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोरोना के समय जब पूरी दुनिया में हाहाकार मचा था, उस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डॉक्टरों की मदद से हम उस विभीषिका से बाहर निकले। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा की थी, उस वक्त मैं डर गया था। प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, उनका आप पर, जनता पर, देश की क्षमता पर जो विश्वास था, उसका परिणाम हमें मिला। कोविड के उस दौर में दुनिया ने भारत को इस बीमारी से निपटते भी देखा और इससे बचकर आगे बढ़ते भी देखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कई संकल्प हाथ में लिए। देश की सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमाओं के पार से आने वाले स्वास्थ्य संकटों से मुकाबला करना भी उतना ही आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग की स्टेट एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस 2.0 पॉलिसी इसी सोच का सशक्त उदाहरण है और वास्तव में एक अतुलनीय पहल है। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना हम सभी की जिम्मेदारी है। हम ‘सर्वे सन्तु निरामया’ के मंत्र पर चलते हैं, लेकिन यह केवल बोलने से नहीं होता। यह हमारी संस्कृति का मूल भी है, अंत्योदय सुशासन का संकल्प भी है। यह मंत्र युवा-नारी-गरीब-किसान के कल्याण के लिए समग्र रूप से काम करता है।
बड़े स्तर पर चल रहा पोलियो अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान योजना के लिए 60 करोड़ से अधिक भाई-बहनों को रक्षा कवच प्रदान किया। पुराने दौर में लगता था कि बीमारी का इलाज कराने विदेश जाना होगा, वह भी बीमा पॉलिसी के भरोसे। लेकिन, आज बीमा पॉलिसी के भरोसे आज विदेश में भी बड़े पैमाने पर लोग भारत की तरफ देख रहे हैं। भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में जहां चाहो इलाज कराओ का रास्ता निकाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष का कार्यकाल हमारे लिए वरदान है। उनके माध्यम से हमारे बड़े-बड़े लक्ष्य पूरे हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, यकृत मिशन, सिकल सेल उन्मूलन, एक के बाद एक योजनाओं से भारत की जनता को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि जब लाड़ली बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने का भी संकल्प लिया गया है। मातृ दो महीन में हमारे विभाग ने इस बीमारी के टीकाकरण का 96 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान के लिए प्रदेश में 1400 विशेष मोबाइल टीमें बनी हैं। 43 हजार टीमें घर-घर जाकर वैक्सीनेशन करेंगी। 1 लाख 66 हजार वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर इस अभियान में लगे हैं। प्रदेश में 83 हजार पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। मैं अभियान के लिए सभी को शुभकामनाएं देता हूं।
खूबसूरती पर मोहित हुए सीएम डॉ. मोहन, कहा- एमपी का बड़ा टूरिज्म स्पॉट बनेगा कुकरू
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू से की पल्स पोलियो की शुरुआत
- प्रदेश के मुखिया ने देखा पर्यटन विकास की कार्य योजना का प्रेजेंटेशन
- दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करने का दिया संदेश
- किसानों-स्व सहायता समूह की महिलाओं से किया आत्मीय संवाद
भोपाल/बैतूल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के टूरिज्म सेक्टर के लिए 28 जून का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू को प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुकरू में पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा। उन्होंने कुकुरू में दिन की शुरुआत योगाभ्यास से की। उन्होंने योग कर प्रदेशवासियों को अपनी दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करने का संदेश दिया। प्राकृतिक वादियों के बीच कई योगासन कर उन्होंने सभी को नियमित योग के प्रति प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाभ्यास के दौरान मयूरासन, शीर्षासन सहित अन्य आसनों का भी सहजता एवं पारंगत रूप से प्रदर्शन किया। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन एवं शलभासन सहित अनेक योगासनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक अभ्यास किया। साथ ही नाड़ी शोधन, तितली एवं भ्रामरी प्राणायाम भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। साथ ही कुकरू में पर्यटन विकास की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन भी देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू में ईको टूरिज्म, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट सहित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको रिसोर्ट एवं अन्य पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के पर्यटन विकास के लिए बजट में और वृद्धि भी की जाएगी।
जनजातीय समूहों के लिए बनेंगे होमस्टे, एमपी टूरिज्म करेगा बुकिंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इन होमस्टे का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) के होटलों की तर्ज पर व्यवस्थित रूप से किया जाएगा तथा इनकी बुकिंग की व्यवस्था मध्यप्रदेश टूरिज्म द्वारा की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ-साथ कोदो कुटकी, आंवला, हनी, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली, भिलवा एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं तथा वन विभाग के सहयोग से “कुकरू नेचुर” के नाम से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही इन उत्पादों के विपणन के लिए वन विभाग द्वारा शहरों में आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।
दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र होंगे स्थापित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र भी वन विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन संबंधी रोजगार से जोड़ने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग एवं होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कुकरू में रोबुस्टा एवं अरेबिका कॉफी के ग्रोइंग, कल्टीवेशन एवं प्रोसेसिंग उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्थापित की जाएगी। कॉफी बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कॉफी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
पशुपालन और जल संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम कुकरू में पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने तथा पशु शेड निर्माण की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान और पर्यटन विकास को गति देने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और आधारभूत अधोसंरचना का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी घोषणा की। इनमें आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर की स्थापना, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम लोकलदरी में 40 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण, ग्राम कसई से भोडियाकुंड तक 85 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम कसई फाटा से भोडियाकुंड तक 65 लाख रुपये तथा जामुखेड़ा से इमलीढाना तक 65 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम खामला में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बालिका छात्रावास तथा ग्राम कसई में 25 लाख रुपये की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का निर्माण भी किया जाएगा। अन्य विकास संभावनाओं के संबंध में विस्तृत सर्वे भी कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में खेत में चलाया हल, किसानों का किया उत्साहवर्धन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू के प्रसिद्ध हिल स्टेशन में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से आत्मीय जुड़ाव का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुंचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी कर किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसान सहादेव गायनी ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वर्तमान में मक्का की बोवनी की जा रही है। उन्होंने खेती-किसानी की जानकारी लेते हुए कृषि कार्यों में रुचि दिखाई तथा किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का आधार बताया। इसी दौरान ग्राम के 21 वर्षीय युवक हेमंत गायनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पारंपरिक लाठी घुमाने की कला का प्रदर्शन किया। युवक की प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की तथा स्वयं भी लाठी घुमाकर उसका उत्साहवर्धन किया।
ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य नीता धाड़से ने बताया कि वे कृषि सखी के रूप में कार्य करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से प्राप्त ऋण सहायता से वे विभिन्न गतिविधियों के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूह की सदस्य मैना दामजे ने बताया कि पहले वे छोटे स्तर पर मावा और रबड़ी बनाने का कार्य करती थीं, लेकिन स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आय बड़ी है। ग्राम खामला की स्व-सहायता समूह सदस्य अर्चना विनोद ने बताया कि सीएलएफ के माध्यम से उनके समूह को 72 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ है, जिससे समूह की महिलाएं कृषि सखी, डेयरी एवं अन्य गतिविधियों से जुड़कर आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्रामीण शेषराव बरसाकर ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने तीन वर्षों के अनुभव और उससे प्राप्त लाभों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए सभी ग्रामीणों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया। इस दौरान ग्रामीणों की वन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों से कहा कि कुकरू एवं आसपास का क्षेत्र वनभूमि क्षेत्र है, जहां कॉफी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने आम जैसे फलदार वृक्षों के साथ कॉफी पौधों का रोपण कर आय बढ़ाने की बात कही। साथ ही पशुपालन एवं डेयरी उत्पादों के निर्माण की संभावनाओं पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में होम-स्टे विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों को आचार्य विद्यासागर योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही 33 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज प्रतिपूर्ति भी सरकार द्वारा की जाती है।
‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बैतूल पर्यटन पर केंद्रित ‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस पुस्तिका में जिले के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी संकलित की गई है। यह पुस्तिका पर्यटकों को बैतूल की समृद्ध पर्यटन विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं नागरिकों को हेलमेट वितरित किए। उन्होंने वंदना सावे, सविता आठोले, संतोषी बेलकर, धर्मेंद्र सावे, सायबू आठोले तथा अशोक बेतकर को हेलमेट प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन रक्षक भर्ती परीक्षा में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से चयनित 45 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने राजू बेगा, प्रमोद ठकरिया, अजय सहरिया, रानूबाई बैगा तथा ज्योति मिल्थरे को नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए।
स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़ें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू स्थित कॉफी बागान का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कॉफी बागान के इतिहास, भू-गर्भीय परिस्थितियों एवं यहां उपलब्ध प्राकृतिक वातावरण की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉफी की खेती की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉफी उत्पादन क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकता है। उन्होंने कॉफी प्रोसेसिंग का कार्य कर रही ल-वॉन कंपनी के प्रतिनिधियों से चर्चा कर कॉफी प्रोसेसिंग, विपणन एवं क्षेत्र में कॉफी उत्पादन के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। उल्लेखनीय है कि कुकरू में वर्ष 1944 में ब्रिटिश महिला फ्लोरेंस हेंड्रिक्स द्वारा कॉफी बागान की स्थापना की गई थी। यह कॉफी बागान लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और वर्तमान में क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं कृषि धरोहर के रूप में पहचान रखता है।
सीएम डॉ. मोहन ने की ये घोषणाएं
ग्राम पंचायत कुकरू में 4.14 करोड़ का तालाब निर्माण। टैंक प्राक्कलन, एप्रोच रोड एवं भूमि अधिग्रहण, ग्राम कसई में सर्वे के बाद तालाब निर्माण, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख से रोड निर्माण, ग्राम लोकलदरी में 40 लाख से पुलिया निर्माण, 85 लाख से ग्राम कसई से भोडियाकुण्ड रोड का निर्माण, 65 लाख से ग्राम कसई फाटा से भोडियाकुण्ड रोड निर्माण, 65 लाख से जामुखेड़ा से ईमलीढाना रोड निर्माण, 1.20 करोड़ रुपये से ग्राम खामला में बालिका छात्रावास निर्माण, 25 लाख की लागत से ग्राम कसई में शासकीय उचित मूल्य की दुकान का निर्माण, 1 करोड़ की लागत से कुकरू में रोबस्टा एवं अरेबिका कॉफी प्लांट को ग्रोइंग-कल्टीवेशन एवं प्रोसेसिंग उत्पादन के लिए विकसित किया जाएगा, ग्राम पंचायत कुकरू में 15 करोड़ से पर्यटन स्थल विकसित किया जाएगा, आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर की स्थापना होगी, कुकरू नेचुरल प्रोडेक्ट आंवला, हनी, हर्ब, बहेड़ा, सफेद मुसली, भिलवा एवं अन्य स्थानीय प्रोडेक्ट की एकीकरण की स्थापना होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 29 जून को करेंगे 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का लोकार्पण
- 440 मेगावॉट की मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का होगा पीपीए
- 1553.98 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का होगा
भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जून को नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सौर पार्क का उद्घाटन करेंगे। परियोजनाओं, 440 मेगावॉट की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना पॉवर परचेज एग्रीमेंट और 1553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी और प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे।
अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी के साथ प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला की उपस्थिति में भोपाल में 440 मेगावॉट के मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का पॉवर परचेज एग्रीमेंट होगा। मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रदेश की पहली सोलर ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इस परियोजना में 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट की दर निविदा पर प्राप्त हुई है, जो देश में न्यूनतम है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री नीमच में 500 मेगावॉट के नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट के शाजापुर सोलर पार्क का शुभारंभ करेंगे। दोनों सौर परियोजनाओं की 2 रुपये 14 पैसे प्रति यूनिट की दर आयी है, जो कि देश की न्यूनतम दरों में शामिल है।
एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर ने बताया कि लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी 1593.98 करोड़ की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे।
परियोजनाओं का विवरण
- नीमच सोलर पार्क (500 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.14 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट।
- शाजापुर सोलर पार्क (450 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.35 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.33 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.339 रुपये प्रति यूनिट।
- आगर सोलर पार्क (550 मेगावॉट) (निर्माणाधीन) – यूनिट-1 : 2.45 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-2 : 2.44 रुपये प्रति यूनिट।










