ग्राम पंचायत बरबटी में अमृत सरोवर निर्माण में फर्जीवाड़ा
पुराने तालाब पर मिट्टी डालकर कागजों में कर दिया विकास
- बिना सूचना बोर्ड के ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ खेल
- जनपद अध्यक्ष और सरपंच ने की कलेक्टर से शिकायत
मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड नारायणगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरबटी में अमृत सरोवर बांध के निर्माण कार्य में तकनीकी प्राक्कलन को ताक पर रखकर भारी भ्रष्टाचार और लापरवाही की गई है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि धरातल पर नया तालाब बनाने के बजाय केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में काम के बदले अनाज योजना के तहत यहाँ एक तालाब का निर्माण कराया गया था, जिसकी मेढ़ जमीन से लगभग 6 फीट ऊपर पहले से मौजूद थी। जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों ने मिलीभगत कर उसी पुरानी मेढ़ के ऊपर थोड़ी सी मिट्टी और मुर्रम डलवा दी। तकनीकी एस्टीमेट के अनुसार तालाब की नींव को नीचे से लगभग 3 मीटर चौड़ा और 3 मीटर गहरा खोदकर, उसमें काली मिट्टी और पानी का लौंदा (क्ले कोर) बनाकर वाइब्रेटर रोलर से दबाना था। लेकिन इसके विपरीत यहाँ नियमों को दरकिनार कर महज एक हफ्ते जेसीबी मशीन चलाकर काम समेट दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की वास्तविक लंबाई, चौड़ाई और गहराई पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। पारदर्शिता को खत्म करने के लिए निर्माण स्थल पर कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की लागत और मजदूरी दर का पता नहीं चल पा रहा है। ग्राम पंचायत बरबटी में अमृत सरोवर बांध के निर्माण कार्य में हद दर्जे की लापरवाही बरती गई है। शासकीय राशि का बंदरबांट किया गया है। जिसकी जांच होना जरूरी है।
मंडला कलेक्टर से की शिकायत
इस गुणवत्ताविहीन और घटिया निर्माण कार्य को लेकर ग्राम पंचायत बरबटी के सरपंच भगत सिंह कुशराम एवं नारायणगंज जनपद पंचायत अध्यक्ष आसाराम भारतीया ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि वे स्वयं मौके पर पहुंचकर इस भ्रष्टाचार का अवलोकन करें और तकनीकी एस्टीमेट के अनुसार विधिवत पुनर्निर्माण कराएं, जिससे आगामी वर्षाकाल में जलभराव हो सके और ग्रामीणों को पेयजल का वास्तविक लाभ मिल सके।










