सीएम डॉ. मोहन बोले हमें ड्रॉपआउट दर शून्य होने पर गर्व, एमपी बनेगा देश का अग्रणी आईटी हब

किसी से किया दुलार, किसी के सिर पर रखा हाथ, स्कूल के पहले दिन छात्राओं से इस अंदाज में मिले सीएम डॉ. मोहन

प्रदेश में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दूसरे चरण का शुभारंभ

  • इंदौर के शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री
  • सीएम डॉ. मोहन बोले- हमें ड्रॉपआउट दर शून्य होने पर गर्व

भोपाल/इंदौर/मंडला महावीर न्यूज 29.  मध्यप्रदेश के स्कूलों में 18 जून से चहल-पहल बढ़ गई। दरअसल, आज राज्य के स्कूलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का दूसरा चरण आयोजित किया गया। इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद भी किया। उन्होंने स्कूल की प्रयोगशाला का अवलोकन किया और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान स्कूल का माहौल पूरी तरह बदला-बदला नजर आ आया। सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं से दुलार किया और उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी दिया।इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है और विद्यार्थी उत्साह के साथ स्कूलों में पहुंचने लगे हैं। प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि बीते तीन वर्षों में प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

सीएम डॉ. यादव का मनमोहन अंदाज

बता दें, सीएम डॉ. यादव जब अचानक छात्राओं के बीच पहुंचे तो वे यकीन ही नहीं कर सकीं। एक तरफ सीएम यादव ने उनसे कई तरह के सवाल किए, तो दूसरी तरफ छात्राओं ने भी उनसे प्रश्न पूछ लिए। छात्राओं ने उनके हर सवाल का जवाब दिया। उनके जवाबों से प्रदेश के मुखिया संतुष्ट नजर आए। सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं से दुलार भी किया और उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी दिया। सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं से विज्ञान को लेकर भी चर्चा की। छात्राओं ने लैब में उन्हें कई तरह की जानकारी दी।

नामांकन में दर्ज हुई वृद्धि

गौरतलब है कि प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का पहला चरण 1 से 4 अप्रैल तक आयोजित किया गया था। उस वक्त भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासकीय स्कूलों में ड्रॉप आउट की संख्या शून्य करने पर स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी थी। राज्य सरकार ने शासकीय स्कूलों में कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इससे वर्ष 2025-26 में नामांकन में 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में भी 32.4 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने मौजूदा सत्र में स्कूलों में 1 करोड़ 45 लाख नामांकन करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में 369 भव्य सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई।


सीएम डॉ. मोहन ने आईटी पार्क-3 का किया निरीक्षण, बोले- एमपी को बनाएंगे एडवांस सर्विस सेंटर

  • इंदौर के प्रवास के दौरान मु्ख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोहराया संकल्प
  • आधुनिक इकोसिस्टम राज्य को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा

भोपाल/इंदौर/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर में निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी आईटी और सेवा क्षेत्र का केंद्र बनाने का है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन (UIMR) इस परिवर्तन का ग्रोथ इंजन बनेगा। आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4 आईटी पार्क उज्जैन, इंदौर-पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मिलकर एक ऐसा आधुनिक इकोसिस्टम तैयार करेंगी, जो मध्यप्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर को हम मध्यप्रदेश के आईटी और सेवा क्षेत्र की विकास राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं । आने वाले वर्षों में यहां विकसित होने वाला आईटी पार्कों का समग्र इकोसिस्टम प्रदेश को नई आर्थिक गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित किये जा रहे आईटी पार्क प्रदेश को आईटी, ग्लोबल केपीबिलिटी सेंटर (GCC) और सेवा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन परियोजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश में एक सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है।

मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ आईटी पार्क

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि निर्माणाधीन आईटी पार्क 557 करोड़ रुपए की लागत से ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है। विश्वस्तरीय यह 22 मंजिला भवन 11.25 लाख वर्गफीट के कुल निर्मित क्षेत्रफल के साथ मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ आईटी पार्क बनने जा रहा है।


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