राष्ट्र प्रथम का भाव जगाने वाले महाराणा प्रताप हर वर्ग के आदर्श: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन

राष्ट्र प्रथम का भाव जगाने वाले महाराणा प्रताप हर वर्ग के आदर्श: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन

  • पाठ्यक्रम में शामिल होंगे प्रेरक प्रसंग
  • भोपाल में राज्य स्तरीय जयंती समारोह संपन्न
  • एमपी में जल्द बनेगा महाराणा प्रताप लोक
  • युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती के लिए निखारेगी पार्थ योजना
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर शिरोमणि की 486वीं जयंती पर की कई बड़ी घोषणाएं

सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा, स्कूलों में पढ़ाई जाएगी महाराणा प्रताप की जीवनी

– महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर हुआ राज्यस्तरीय समारोह
– सीएम डॉ. मोहन बोले- भोपाल में ‘वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक’ का लोकार्पण जल्द
– महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक, उनका अदम्य साहस हर पीढ़ी के लिए प्रेरक

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री 17 जून को महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर भोपाल के एमपी नगर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मिलित हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन वीरता, शौर्य, पराक्रम, त्याग का प्रतीक है। उनका नाम स्मरण करते ही मन श्रद्धा से भर जाता है। महाराणा प्रताप ने तमाम कठिनाइयों के बीच भी ‘राष्ट्र प्रथम’ को सर्वोपरि रखा। समाज का हर वर्ग देश की अस्मिता और आत्म सम्मान के लिए महाराणा प्रताप को एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में देखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि महाराणा प्रताप सिर्फ़ एक राजा नहीं, स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के अनुपम प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि साहस और वीरता मनुष्य का आभूषण है। यह पराक्रमी राजा का नैसर्गिक गुण होता है। महाराणा प्रताप वीरता के पर्याय हैं। उन्होंने जीवन में अनेक कष्ट सहे, पर अपने लक्ष्य से कभी भी विचलित नहीं हुए। उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। सिसोदिया-राजपूत-क्षत्रिय समुदाय द्वारा आयोजित इस सामाजिक कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन ने समाज के प्रतिभाशाली डाक्टर, युवाओं, खिलाड़ियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का गठन किया है और आज इसी बोर्ड के माध्यम से यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम किया गया है। हमारी सरकार महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करते हुए इसे और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने सेना और पुलिस बल में युवाओं की भर्ती के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से पार्थ योजना की शुरुआत की है। जिसके अंतर्गत तैयारी कर रहे युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रदेश के अधिकांश जिले इस योजना के दायरे में ले लिए गए हैं।

सरकार ने अनोखी पहल

इस मौके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की, कि श्रत्रिय समाज के सभी युवाओं को भी इसी योजना के तहत पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त इंटर्नशिप की व्यवस्था और समायोजन के लिए भी प्रभावी पहल की जायेगी। महाराणा प्रताप लोक निर्माण का शेष कार्य तेजी से पूरा कराकर इसका बहुत जल्द लोकार्पण किया जाएगा। मप्र पर्यटन विकास निगम और महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के समन्वय से सरकार महाराणा प्रताप के स्वर्णिम अतीत को दुनिया के सामने लाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिसने महाराणा प्रताप की जयंती पर अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप की जीवनी अब स्कूलों में पढ़ाई जाएगी। हम महाराणा प्रताप के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने जा रहे हैं। इससे हमारी भावी पीढ़ी महाराणा की वीरता और देशभक्ति से प्रेरणा लेगी

युवाओं के लिए ‘पार्थ योजना’ और ‘महाराणा प्रताप लोक’ का निर्माण

डॉ. यादव ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार महापुरुषों की विरासत के संरक्षण और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इसी कड़ी में युवाओं को सेना और पुलिस भर्ती के लिए तैयार करने हेतु सरकार ने “पार्थ योजना” शुरू की है, जिसके तहत युवाओं को विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि ‘महाराणा प्रताप लोक’ का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा किया जाएगा। पर्यटन विकास बोर्ड और नवनिर्मित महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के माध्यम से उनके गौरवशाली इतिहास को देश और दुनिया तक पहुंचाया जाएगा।

पाठ्यक्रम में शामिल होंगे प्रेरक प्रसंग, एमपी पहला राज्य जिसने घोषित किया अवकाश

नई पीढ़ी को देश सेवा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में महाराणा प्रताप के प्रेरक प्रसंगों को शामिल किया जा रहा है। उन्होंने गर्व के साथ रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने महाराणा प्रताप जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित किया है।

गौरवशाली अतीत ला रहे दुनिया के सामने

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के सभी देशों में अपना अग्रणी स्थान बना रहा है। हमारी सरकार विरासत से विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए भारत के गौरवशाली अतीत को दुनिया के सामने लाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप अद्वितीय वीरता, शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणा स्त्रोत हैं। आज इस जयंती समारोह में महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के बैनर तले संपूर्ण क्षत्रिय समाज एक मंच पर आया है। अत्यंत बलशाली महाराणा प्रताप का कवच 72 किलो और भाला 80 किलोग्राम वजनी था। यह उनके अद्भुत व्यक्तित्व का परिचायक है। उन्होंने हर युद्ध में महान शौर्य दिखाया। महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक के साथ उनके लगाव की कहानियां सुनकर मन रोमांचित हो जाता है। राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ की स्थापना कर विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से उनके उत्कृष्ट जीवन से दुनिया का परिचय कराया है। युवाओं को सम्राट विक्रमादित्य पर शोक के लिए फैलोशिप प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही उज्जैन में मां क्षिप्रा के किनारे शहीद श्री दुर्गादास राठौर का भव्य संग्रहालय भी तैयार किया जा रहा है।

गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का जो संकल्प दिया है, उसकी प्रेरणा हमें महाराणा प्रताप से ही मिलती है। उन्होंने अपनी मातृभूमि, संस्कृति और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया। परंतु विकट विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया। इतिहास गवाह है कि महाराणा प्रताप को जीवन के कठिनतम समय में घास की रोटियां तक खानी पड़ीं, तब भी उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। अपने नाम के अनुरूप वे सचमुच प्रतापी थे। उनका गौरवशाली व्यक्तित्व भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में सदैव अमर रहेगा। मुख्यमंत्री ने देश-प्रदेश के युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।


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