एनीकट में डूबे तीन युवक, दो को बचाया, एक की मौत
नर्मदा स्नान के दौरान रपटा घाट पर डूबा बिंझिया का युवक
- एनीकट के ढलान पर फिसला पैर, गहरे पानी में समाए युवक
- प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों पर फूटा लोगों का गुस्सा
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के रपटा घाट पर सोमवार सुबह सोमवती अमावस्या के दिन नर्मदा स्नान के लिए पहुंचे एक 18 वर्षीय युवक की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। वहीं उसके दो अन्य साथियों को स्थानीय लोगों और मछुआरों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दुखद घटना के बाद त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं और घाट पर मौजूद लोगों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जानकारी अनुसार बिंझिया निवासी भरत पटेल 18 वर्ष सोमवार सुबह अपने चार-पांच दोस्तों के साथ सोमवती अमावस्या के अवसर पर नर्मदा स्नान करने रपटा घाट आया था। सुबह से ही घाट पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी। स्नान करने के दौरान भरत और उसके दो साथी एनीकट के ढलान वाले संवेदनशील हिस्से की ओर चले गए, जहाँ अचानक पैर फिसलने के कारण तीनों गहरे पानी में समाने लगे और डूबने लगे।
स्थानीय लोगों ने दो को बचाया, अस्पताल ले जाते समय भरत ने तोड़ा दम
युवकों को पानी में डूबता देख घाट पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मछुआरों ने तुरंत नदी में छलांग लगा दी। कड़े प्रयास के बाद दो युवकों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन भरत पटेल पानी में लापता हो गया। दोस्तों द्वारा काफी खोजबीन करने के बाद जब सफलता नहीं मिली, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सांसें चल रही थीं पर नहीं बच सकी जान
सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुछ ही देर में भरत को पानी से बाहर निकाल लिया गया। मृतक युवक के साथियों ने बताया कि जब उसे पानी से निकाला गया तब उसकी सांसें चल रही थीं। उसे अत्यंत गंभीर हालत में तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन के लचर सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का आरोप है कि सोमवती अमावस्या जैसे बड़े और संवेदनशील धार्मिक पर्व पर हजारों की भीड़ उमडऩे का अनुमान पहले से था, इसके बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे। बताया गया कि घाट के गहरे और खतरनाक क्षेत्रों में प्रभावी बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। श्रद्धालुओं को सचेत करने के लिए पर्याप्त चेतावनी बोर्ड भी गायब थे। मौके पर त्वरित बचाव दल की कोई तैनाती नहीं थी।
पुलिस की कार्रवाई शुरू
घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में ले लिया है। मृतक भरत पटेल के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस हादसे के विस्तृत कारणों की जांच कर रही है।










