बाल संरक्षण और किशोर न्याय अधिनियम पर मंथन

भोपाल में 13 दिवसीय राष्ट्रीय इंडक्शन प्रशिक्षण आयोजित

मंडला से रंजीत कछवाहा और तृप्ति शुक्ला हुए शामिल

  • मंडला बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने ली सहभागिता
  • बाल संरक्षण और किशोर न्याय अधिनियम पर मंथन
  • नरोन्हा अकादमी में देश के अग्रणी संस्थान द्वारा बाल कल्याण समिति सदस्यों का प्रशिक्षण
  • नवनियुक्त अध्यक्षों और सदस्यों के लिए आयोजित हुआ आवासीय प्रशिक्षण

मंडला महावीर न्यूज 29. बाल देखरेख, संरक्षण और किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भोपाल के आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित 13 दिवसीय विशेष इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संस्थान सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान (पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र) द्वारा आयोजित इस आवासीय प्रशिक्षण में बाल कल्याण समिति मंडला के सदस्य रंजीत कछवाहा और तृप्ति शुक्ला ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।

19 जिलों के 36 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण 

इस राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कुल 19 जिलों भोपाल, मंडला, डिंडोरी, भिंड, देवास, इंदौर, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, दतिया, हरदा, बालाघाट, दमोह, नर्मदापुरम, अनूपपुर, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सीहोर से आए बाल कल्याण समितियों के 36 नवनियुक्त अध्यक्षों और सदस्यों ने हिस्सा लिया। 1 जून से 13 जून तक चले इस गहन प्रशिक्षण की कमान नई दिल्ली से आईं डिप्टी डायरेक्टर डॉ. नवीदा खातून के हाथों में रही, जिनके कुशल नेतृत्व में यह पूरा आयोजन संपन्न हुआ।

कानूनी बारीकियों को समझा और संस्थाओं का किया अध्ययन भ्रमण 

तेरह दिनों तक चले इस सत्र में प्रतिदिन अलग-अलग विषय विशेषज्ञों ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 और बाल कल्याण समिति द्वारा संपादित किए जाने वाले कानूनी व प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। सिद्धांतों के साथ व्यावहारिक ज्ञान के लिए प्रतिभागियों को भोपाल की विभिन्न बाल देखरेख संस्थाओं का एक्सपोजर विजिट भी कराया गया। इसके तहत सदस्यों ने विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी, राजकीय बाल संरक्षण और मातृशक्ति बालिका गृह, एसओएस विलेज, ओपन शेल्टर होम का जमीनी निरीक्षण कर कार्यप्रणाली को समझा।

प्रशिक्षण के नोडल संस्थान की भूमिका 

सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान देश में महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान और परामर्श देने वाली अग्रणी संस्था है, जो मिशन सक्षम आंगनबाड़ी और मिशन वात्सल्य के तहत राष्ट्रीय स्तर पर नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है। नई दिल्ली मुख्यालय के अलावा इसके छह क्षेत्रीय केंद्र हैं। वर्ष 2001 में स्थापित इसका पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र मध्य प्रदेश सहित छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी सेवाएं प्रदान करता है।

फीडबैक के बाद बांटे गए प्रशस्ति पत्र

प्रशिक्षण के अंतिम दिन व्यवस्थाओं, भोजन, रहवास और विषय विशेषज्ञों को लेकर सभी प्रतिभागियों से ऑनलाइन व ऑफलाइन फीडबैक लिया गया। इसके पश्चात प्रशिक्षण संचालक एचके सिंह एवं वि.क.अ. सह संचालक मुजीबुर्रहमान खान के हस्ताक्षर युक्त प्रशस्ति पत्र सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रदान किए गए। मंडला लौटे सदस्यों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों का लाभ जिले में बाल संरक्षण और अनाथ व बेसहारा बच्चों के पुनर्वास कार्य को और अधिक सुदृढ़ करने में मिलेगा।


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