‘बिल में छुपे सपोलों को पकड़ने में समर्थ है हमारी पुलिस’
आईजी कॉन्फ्रेंस में सीएम डॉ. मोहन यादव ने थपथपाई गृह विभाग की पीठ
- ढाई साल में मप्र पुलिस ने हासिल कीं ऐतिहासिक उपलब्धियां
- नक्सलवाद के खात्मे और आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने पर मुख्यमंत्री ने जताया गर्व
- पुलिस मुख्यालय में आयोजित हुए आईजी कॉन्फ्रेंस
- किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है मप्र पुलिस
- उपलब्धियों के आधार पर गर्व है हमारे पुलिस जवानों पर
भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार, 13 जून को राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में आयोजित राज्य स्तरीय आईजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री को पुलिस जवानों द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर गरिमामयी अभिवादन किया गया। कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए मप्र पुलिस की जमकर सराहना की।
कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने आतंकवादियों के मददगारों की गिरफ्तारी पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “हमारी पुलिस ने तत्परतापूर्वक आतंकवादियों के सहयोगी को दबोच कर उसके पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया है। घटना स्थल से जिहादी मानसिकता का बड़ा साहित्य भी जब्त हुआ है। हमारी पुलिस बिल में छुपे ऐसे सपोलों को पकड़ने में पूरी तरह समर्थ है।”
पीड़ितों से विनम्र व्यवहार और सुशासन हमारी पहली प्राथमिकता
आईजी कॉन्फ्रेंस में कड़े निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि थानों में आने वाले पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और उनके हितों की रक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आगामी समय की चुनौतियों और प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए पुलिस विभाग को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए:
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सिंहस्थ करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। मप्र पुलिस संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से कार्य कर देश-दुनिया के सामने आदर्श व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत करे।
- साइबर अपराध पर लगाम: नई तकनीक के इस दौर में साइबर अपराधों की रोकथाम और इसके प्रति जन-जागरूकता अभियानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
- सुरक्षा और अदालती आदेशों का पालन: सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, मानव तस्करी पर कड़ाई से नियंत्रण करने, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के संबंध में न्यायालयों के निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराया जाए।
नक्सलवाद का सफाया करने वाला पहला राज्य बना मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री ने सरकार के पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि मप्र पुलिस ने कई ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिन पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उन्होंने कहा:
“सालों पुरानी नक्सलवाद की समस्या के कारण हमारे मंडला, बालाघाट और डिंडोरी जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में विकास पूरी तरह अवरुद्ध था। कई मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। लेकिन हमारी पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलियों का पूरा सफाया कर कर्तव्यपरायणता की अनूठी मिसाल पेश की है। भारत में मध्यप्रदेश वह पहला राज्य है जिसने अपने यहाँ से नक्सलवादी दंश को पूरी तरह समाप्त किया है।”
हर साल होगी 22 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती, संसाधनों की कमी नहीं होगी
बदलते दौर में पुलिस के सामने आ रही नई चुनौतियों पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि भोजशाला मामले में अदालती आदेश का शांतिपूर्ण अनुपालन करवाना पुलिस की बड़ी सफलता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि साइबर क्राइम जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार पुलिस को हाईटेक संसाधन उपलब्ध करा रही है।
पुलिस बल की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने पिछले साल से लगातार 22 हजार पदों पर भर्ती का महाअभियान चलाया है। सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती प्रक्रिया के साथ ही हर साल नियमित रूप से भर्तियां निकालने के प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि पुलिस का कोई भी पद खाली न रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य में चल रही सुशासन की इस बयार में पुलिस और प्रशासन पूरी ताकत व क्षमता से जनता की सेवा करते रहेंगे।
मुझे संतोष है कि मध्यप्रदेश पुलिस ने समय रहते ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया, जो भविष्य में देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। पुलिस ने न सिर्फ संदिग्ध व्यक्ति को समय रहते दबोचा, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क और षड्यंत्र का भी भंडाफोड़ किया। साथ ही जिहादी विचारधारा से संबंधित बड़ी मात्रा में साहित्य भी बरामद किया गया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं सक्षम कार्रवाई करने में पूरी तरह समर्थ है।
– डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री












