प्रशासन का अल्टीमेटम: घुघरी में 70 गरीब परिवारों के आशियानों पर संकट

प्रशासन का अल्टीमेटम: घुघरी में 70 गरीब परिवारों के आशियानों पर संकट

न्याय की गुहार लेकर भाजपा नेता नीरज मरकाम के द्वार पहुंचे पीड़ित

  • पीएम आवास तोड़ने के नोटिस पर भड़के भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष
  • मंत्री संपतिया उईके और सांसद कुलस्ते से फोन पर बात कर कार्रवाई रोकने की मांग की

मंडला महावीर न्यूज 29. तहसील मुख्यालय घुघरी के पीछे वर्षों से निवास कर रहे करीब 70 गरीब परिवारों के आशियानों पर बेदखली का बड़ा संकट मंडरा रहा है। अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) द्वारा इन सभी परिवारों को आगामी 19 जून तक अपना मकान और अतिक्रमण खुद हटाने का कड़ा अल्टीमेटम (नोटिस) जारी किया गया है। अचानक मिले इस नोटिस के बाद से ही पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया है और लोग अपने आशियाने उजड़ने के डर से सहमे हुए हैं।

न्याय की गुहार लेकर भाजपा नेता के निवास पहुंचे भयभीत ग्रामीण

बेघर होने की आशंका से डरे और परेशान मोहल्लेवासी एकजुट होकर भाजपा अनुसूचित जनजाति (अजजा) मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज मरकाम के निवास स्थान पहुंचे। पीड़ितों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वे यहां वर्षों से रह रहे हैं और अब उन्हें अचानक बेघर किया जा रहा है। पीड़ितों की बात को गंभीरता से सुनते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज मरकाम ने उन्हें ढाढस बंधाया और आश्वासन दिया कि किसी भी गरीब को बेघर नहीं होने दिया जाएगा।

मंत्री और सांसद से की बात, कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज मरकाम ने तत्काल मध्य प्रदेश शासन की पीएचई मंत्री संपतिया उईके एवं सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने दोनों जनप्रतिनिधियों को पूरे मामले की गंभीरता से अवगत कराया और प्रशासन द्वारा दिए गए इस नोटिस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल: “जब मकान बन रहे थे, तब राजस्व विभाग कहां था?”

इस संबंध में नीरज मरकाम ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) से भी सीधे बात की और प्रशासनिक लापरवाही पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा:

“जब इस मोहल्ले में पिछले कई वर्षों से लोग मकान बना रहे थे, तब राजस्व विभाग की टीम ने इन्हें क्यों नहीं रोका? यह राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही है कि मकानों को बनने दिया गया। इन पीड़ित परिवारों को ग्राम पंचायत ने बकायदा चिन्हित कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया है। सरकारी योजना के तहत बने पक्के मकानों को आज तोड़ना पूरी तरह से गलत है।”

अतिक्रमण मुहिम की सराहना, लेकिन बारिश में गरीबों को उजाड़ना गलत

भाजपा नेता नीरज मरकाम ने स्पष्ट किया कि बस स्टैंड एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों से जो अतिक्रमण हटवाया गया है, वह कार्य सराहनीय है। प्रशासन को व्यवस्थाएं सुधारने का पूरा हक है, लेकिन जो गरीब वर्षों से सपरिवार रह रहा है, उसे अचानक बेघर करना न्यायसंगत नहीं है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में मानसून आने वाला है और बरसात के इस मौसम में परिवारों को हटाना किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं है। अगर वहां प्रधानमंत्री आवास बने हैं, तो वे ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग की सहमति व लापरवाही से ही बने हैं, इसलिए अब जब गरीबों के मकान बनकर तैयार हैं, तो उन्हें तोड़ना सरासर गलत है। उपाध्यक्ष ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई में पूरी ताकत से उनके साथ खड़े हैं।

प्रशासन का रुख: एसडीएम ने दिया आश्वासन

इस पूरे मामले में प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज मरकाम से बातचीत के बाद अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के सुर भी बदलते नजर आए। एसडीएम ने आश्वस्त करते हुए कहा कि “किसी भी व्यक्ति को बेघर नहीं किया जाएगा। प्रशासन द्वारा पहले पूरे मामले का पूर्ण सर्वे कराया जाएगा, जिसके बाद ही कोई उचित और न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा।”


रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️


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