अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने में पीछे न रहें, जानें आपकी सुरक्षा के लिए सीएम डॉ. ने दिए क्या-क्या निर्देश
सेफगार्ड एमपी प्रणाली से मजबूत होगी महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की गृह विभाग की समीक्षा
- बेहतर कानून व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी रहें मुस्तैद
- शिक्षा केंद्रों के निकट छेड़छाड़ की घटनाएं न हों, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें
- गृह विभाग की समीक्षा: विवेचकों को मिलेगा अन्वेषण भत्ता
भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 जून को गृह विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गंभीर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई में पुलिस बल बिल्कुल भी पीछे न रहे। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक का अमला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हमेशा सजग और मुस्तैद रहे, विशेषकर शिक्षा केंद्रों के आसपास महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाया जाए।
विवेचकों को मिलेगा ‘अन्वेषण भत्ता’ और मजबूत होगी सुरक्षा
बदलते दौर की चुनौतियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की बात कही। उन्होंने बताया कि अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, डिजिटल साक्ष्य संकलन और न्यायालयीन प्रक्रिया के आकस्मिक खर्चों को देखते हुए विवेचना अधिकारियों (आईओ) के लिए ‘अन्वेषण भत्ता’ लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही, बुजुर्गों, महिलाओं और कमजोर वर्ग की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर ‘सेफगार्ड एमपी’ प्रणाली शुरू करने पर भी चर्चा की गई।
सायबर फ्रॉड पर लगाम और सिंहस्थ 2028 की तैयारी
बढ़ते सायबर अपराधों और सोशल मीडिया आधारित वित्तीय धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गृह विभाग जल्द ही आईटी कंसल्टेंट और एआई विशेषज्ञों की सेवाएं लेगा। आगामी ‘सिंहस्थ 2028’ को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने उज्जैन में भीड़ प्रबंधन, वीआईपी सुरक्षा और यातायात के लिए तात्कालिक व्यवस्थाओं के बजाय स्थायी अधोसंरचना और कंट्रोल रूम विकसित करने के निर्देश दिए।
नवाचारों की सराहना और खुले में मांस-लाउडस्पीकर पर कड़ाई
मुख्यमंत्री ने राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और एयर एम्बुलेंस जैसे सराहनीय नवाचारों के लिए पुलिस बल की पीठ थपथपाई। उन्होंने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से जुड़े प्रसंगों में पुलिस की सूझबूझ और सक्रिय भूमिका की सराहना की। इसके साथ ही, खुले स्थानों पर मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि वाले लाउडस्पीकरों पर नियंत्रण के निर्देशों का सख्ती से निरंतर पालन सुनिश्चित करने को कहा। इस बैठक में काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की मजबूती और पुलिस चयन एवं भर्ती बोर्ड के गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।









