भूजल स्तर गिरने से सूख गई कुएं की झिरियां
मवेशी और स्कूली बच्चे भी परेशान
- मंडला के ग्रामीण अंचलों में गहराया पेयजल संकट
- हाथीतारा में सूखे कुएं में टैंकर से पानी भरकर बुझाई जा रही प्यास
मंडला महावीर न्यूज 29. भीषण गर्मी के बीच मंडला जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। निवास विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम हाथीतारा रैयत और भुआ बिछिया जनपद की ग्राम पंचायत नेवसा के पोषक ग्राम भपसा-बसनिया में पानी की विकराल समस्या ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। जहाँ एक ओर हाथीतारा में मुख्य सरकारी बोर खराब होने से पूरा गांव टैंकर के भरोसे है, वहीं दूसरी ओर भपसा-बसनिया में लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद अधूरी नल-जल योजना के कारण ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।

कुएं में टैंकर का पानी, फिर बाल्टियों से खींच रहे ग्रामीण
निवास तहसील के ग्राम हाथीतारा रैयत का मुख्य सरकारी बोर पिछले काफी समय से बंद पड़ा है। भूजल स्तर बेहद नीचे चले जाने से गांव के पारंपरिक कुएं की झिरियां (जल स्रोत) भी पूरी तरह सूख चुकी हैं। ऐसे में पंचायत द्वारा प्रतिदिन करीब दो टैंकर पानी लाकर गांव के एक सूखे कुएं में डाला जाता है। इसके बाद ग्रामीण बाल्टी और रस्सियों की मदद से कुएं से पानी खींचकर अपनी जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं। पानी डालने से पहले ग्रामीण खुद मिलकर कुएं की साफ-सफाई करते हैं।
पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित, नया बोर कराने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की इस भीषण किल्लत का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान मवेशियों पर भी पड़ रहा है। दूर-दराज से पानी ढोने में अधिक समय बर्बाद होने के कारण महिलाओं के घरेलू कामकाज और बच्चों की पढ़ाई पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से खराब पड़े सरकारी बोर की तत्काल मरम्मत कराने या गांव में नया बोर खनन कराने की पुरजोर मांग की है।









