पुरोहित का अर्थ परहित से है, कोई भी व्यक्ति बन सकता है पुरोहित

मंडला में चार दिवसीय राष्ट्रीय पुरोहित प्रशिक्षण का भव्य शुभारंभ

कई जिलों के प्रतिभागी ले रहे हिस्सा

  • पुरोहित का अर्थ परहित से है, कोई भी व्यक्ति बन सकता है पुरोहित
  • पूर्व राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल और प्रबुद्ध जनों ने व्यक्त किए विचार

मंडला महावीर न्यूज 29. स्थानीय बिंझिया स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल मंगल भवन में चार दिवसीय राष्ट्रीय पुरोहित प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का श्रीगणेश अतिथियों द्वारा भारत माता, माता सरस्वती और सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस गौरवमयी आयोजन में मंडला सहित डिंडोरी, सिवनी, बालाघाट, जबलपुर, दमोह, सागर और भोपाल के युवक, युवतियां, मातृशक्तियां और प्रबुद्ध जन पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं।

संस्कारों और कर्मकांडों की जानकारी से युवा होंगे स्वावलंबी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मध्य प्रदेश कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व राज्य मंत्री श्री रामखेलावन पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि उनका प्रयास है कि प्रदेश के समस्त जिलों में इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित किए जाएं। इससे आमजन को विभिन्न संस्कारों और कर्मकांडों की सही जानकारी मिलेगी और यह प्रशिक्षण युवाओं के जीवन में स्वावलंबन का सहारा बनेगा। वहीं, सरदार वल्लभभाई पटेल यूनिवर्सिटी बालाघाट के माननीय कुलाधिपति श्री दिवाकर सिंह ने कहा कि युवाओं और युवतियों में पुरोहित प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती रुचि एक सुखद भविष्य का संकेत है। समाज के लौह पुरुष श्री एल.पी. पटेल ने जोर देते हुए कहा कि केवल प्रशिक्षण प्राप्त करने से कोई पुरोहित नहीं बनता, बल्कि वास्तविक पुरोहित वही है जो पूरी विशेषज्ञता और विधि-विधान के साथ कर्मकांडों को संपन्न कराए।

“वर्ग विशेष का नहीं होता पुरोहित, कोई भी बैठ सकता है व्यासगद्दी पर”

मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित दमोह के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. रज्जन प्रसाद (राजेंद्र प्रसाद) पटेल ने पुरोहित शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि पुरोहित का वास्तविक अर्थ ‘परहित’ यानी दूसरों की भलाई करने वाले से है। उन्होंने एक बड़ा संदेश देते हुए कहा कि पुरोहित किसी एक वर्ग विशेष का व्यक्ति नहीं होता। कोई भी व्यक्ति ज्ञान और योग्यता के आधार पर व्यासगद्दी पर बैठकर पौराणिक कथाओं, वेदों और विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वाचन कर जनमानस को संस्कारों से जोड़ने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।

कुर्मी समाज विकास संगठन ने की है भोजन-आवास की व्यवस्था

आयोजन समिति ने बताया कि अन्य जिलों से आने वाले अतिथियों के लिए आवासीय व्यवस्था और सभी प्रतिभागियों के लिए स्वल्पाहार व भोजन आदि की व्यवस्था कुर्मी समाज विकास संगठन मंडला द्वारा की गई है। बाहर से आए अतिथियों ने मंडला जैसे छोटे शहर में इतने व्यवस्थित और बड़े आयोजन के लिए पूरी टीम की सराहना की है। संगठन ने नगरवासियों से विनम्र अपील की है कि भले ही वे प्रशिक्षण के लिए पंजीयन न करा सके हों, लेकिन कुछ समय निकालकर इस राष्ट्रीय आयोजन को समझने और गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अवश्य पधारें। आज प्रशिक्षण के दूसरे दिन सुबह 9 बजे से सभी प्रतिभागी अनुशासित रूप में अपनी उपस्थिति प्रदान करेंगे।


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