नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ध्वनी से गूंजा पंडाल
राजीव कॉलोनी झंडा चौक में आयोजित भागवत कथा में धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
- कथा के चौथे दिन भजनों पर झूमे श्रद्धालु
- पंडित कुलदीप महाराज ने जीवंत किया कान्हा के जन्म का अलौकिक प्रसंग
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पंचायत देवदरा अंतर्गत राजीव कॉलोनी, झंडा चौक में इन दिनों भक्ति, आस्था और आध्यात्म की अविरल गंगा बह रही है। यहाँ सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति की महिला मंडल के विशेष सहयोग और प्रयास से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य धार्मिक आयोजन कराया जा रहा है। पावन कथा के चौथे दिन कथा स्थल पर उस समय पूरा माहौल त्रेतायुग और गोकुल जैसा आनंदमयी हो उठा, जब व्यासपीठ से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया गया। इस पावन कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक देवगाँव वाले पंडित कुलदीप महाराज कर रहे हैं। उनके मुखारविंद से बरस रहे भजनों और दिव्य भजनों को सुनकर पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।
अंधेरी रात में प्रकट हुए नंदलाल, जीवंत हुआ प्रसंग
श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन पुराण वाचक पंडित कुलदीप महाराज ने व्यासपीठ से उपस्थित भारी संख्या में श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का वृत्तांत अत्यंत भावपूर्ण और विस्तार से श्रवण कराया। उन्होंने कथा के मर्म को समझाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार, अनाचार और पाप बढ़ता है, तब-तब धर्म की स्थापना और दुष्टों के संहार के लिए भगवान स्वयं धरा पर अवतार लेते हैं। कंस के अत्याचारों से जब धरती त्राहि-त्राहि कर रही थी, तब द्वापर युग में भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को, रोहिणी नक्षत्र में कंस के कारागार में वासुदेव और देवकी की आठवीं संतान के रूप में स्वयं भगवान विष्णु ने अंतर्यामी रूप में अवतार लिया।
महाराज जी ने बड़े ही मार्मिक ढंग से वर्णन किया कि कैसे भगवान के प्रकट होते ही कारागार के पहरेदार गहरी निद्रा में सो गए और लोहे के मजबूत दरवाजे व बेडिय़ां स्वत: ही खुल गईं। इसके बाद वासुदेव जी उफनती यमुना नदी को पार कर नन्हे कान्हा को गोकुल में नंद बाबा के घर छोड़ आए। जैसे ही कथा में भगवान के जन्म का समय आया, पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की और हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान कान्हा के बाल रूप की सुंदर झांकी सजाई गई, जिस पर श्रद्धालुओं ने फूलों और गुलाल की वर्षा की। श्रद्धालु भजनों की सुमधुर धुनों पर भाव-विभोर होकर जमकर थिरके।
क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए हो रहे धार्मिक अनुष्ठान
सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति की महिला मंडल ने बताया कि पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के उद्देश्य से इस सात दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। कथा स्थल पर प्रतिदिन सुबह के समय पूरी विधि-विधान और वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ भगवान भोलेनाथ का पावन रुद्राभिषेक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और पुरुष श्रद्धालु शामिल होकर महादेव की आराधना कर रहे हैं। इसके बाद दोपहर तीन बजे से श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की अनमोल लीलाओं का रसपान कराया जा रहा है। इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय समितियों, युवा मंडलों और समस्त क्षेत्रवासियों का सराहनीय एवं तन-मन-धन से योगदान मिल रहा है।
रुद्राभिषेक में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
पुराण वाचक पंडित कुलदीप महाराज द्वारा श्रीमद् भागवत पुराण कथा स्थल में प्रतिदिन सुबह रूद्राभिषेक कराया जा रहा है। इसी के अंतर्गत गुरूवार को महिलाओं ने दूध, दही, धूतरा, बेल पत्र, शहद, भस्म, कमलगट्टा, भांग, दालें समेत अन्य सामग्री भोलेनाथ को अर्पित करते हुए भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया गया। बताया गया कि इस धार्मिक महोत्सव की खास बात यह है कि पुरूषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत पुराण कथा स्थल पर रूद्राभिषेक करने से उसका फल कई गुना मिलता है।
इसी के चलते महिला मंडल द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के तहत इस पुरूषोत्तम मास में यहाँ पावन अनुष्ठान भी श्रीमद् भागवत कथा के साथ समानांतर रूप से संपन्न कराया जा रहा है। सुबह कथा स्थल पर पूरी विधि-विधान और वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ भव्य रुद्राभिषेक किया जा रहा है। भगवान शिव के इस विशेष अभिषेक में क्षेत्र की बड़ी संख्या में माताएं, बहनें शामिल हो रही है। पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और ओम नम: शिवाय के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो रहा है।









