समर चालिया महोत्सव-धार्मिक आस्था से जुड़े बच्चे, मोबाइल से रहे दूर

श्री गुरुद्वारा साहिब में समर चालिया महोत्सव का समापन

40 दिनों के अखंड पाठ के भोग के साथ मांगी सुख-समृद्धि

  • धार्मिक आस्था से जुड़े बच्चे, मोबाइल से रहे दूर
  • अमृतवेला संगत समिति के समर चालिया का लंगर के साथ हुआ समापन
  • आरती, भजन और गुरुवाणी से गुंजायमान हुआ दरबार

मंडला महावीर न्यूज 29. स्थानीय अंबेडकर वार्ड स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में श्री अमृतवेला संगत समिति के तत्वावधान में आयोजित समर चालिया महोत्सव का अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ समापन किया गया। इस अवसर पर पिछले चालीस दिनों से निरंतर चल रहे अखंड पाठ के भोग का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य सभी परिवारों की सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करना और नई पीढ़ी को आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर करना है।बताया गया कि समापन समारोह के अवसर पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुई संगत द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन आरती, पूजा, अरदास और पल्लव पूजा की गई। गुरुद्वारा साहिब का माहौल गुरुवाणी, मधुर भजनों और अरदास के स्वर से पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ मत्था टेका और अपने परिवारों व समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना की।

वर्ष में दो बार होता है चालिया महोत्सव का आयोजन 

श्री अमृतवेला संगत समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि समिति द्वारा वर्ष में दो बार इस भव्य चालिया महोत्सव का आयोजन किया जाता है। जिसमें पहला ग्रीष्मकाल में समर चालिया और दूसरा शीतकाल में विंटर चालिया महोत्सव मनाया जाता है। इस महोत्सव को सभी आस्था प्रेमी और संगत पूरी आस्था, निष्ठा और सेवा भाव के साथ मनाते हैं।

बच्चों को मोबाइल से दूर रख अध्यात्म से जोडऩे का अनूठा प्रयास 

समिति के सदस्यों ने बताया कि समर चालिया का मुख्य उद्देश्य बच्चों को धार्मिक संस्कारों और अध्यात्म की राह से जोडऩा है। स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण यह चालीस दिन का समय बच्चों के लिए बेहद उचित साबित होता है। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को मोबाइल फोन की लत से दूर रखकर अपनी संस्कृति, इतिहास और धार्मिक मूल्यों को सीखने का एक बेहतरीन मंच मिला।

गुरु का अटूट लंगर 

कार्यक्रम के अंतिम चरण में गुरु का अटूट लंगर वितरित गया। इसमें उपस्थित सभी आस्था प्रेमियों, पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने पूरी श्रद्धा के साथ पंगत में बैठकर गुरु प्रसादी ग्रहण की। पूरे आयोजन के दौरान भारी संख्या में सिख समाज एवं अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।


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