गंगा दशहरा पर नर्मदा घाटों पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
- हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
- ब्रह्ममुहूर्त से देर शाम तक चलता रहा पूजा-अर्चना और दीपदान का सिलसिला
मंडला महावीर न्यूज 29. गंगा दशहरा के पावन पर्व पर जिले में भारी धार्मिक उत्साह देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही क्षेत्र के विभिन्न नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। घाटों पर सुबह से शुरू हुआ पूजा-अर्चना, दीपदान और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला देर शाम तक अनवरत चलता रहा।
नगर के प्रमुख घाट रपटाघाट, सहस्त्रधारा, और माहिष्मति घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने पूरे श्रद्धाभाव से मां नर्मदा की आराधना की। इस दौरान भक्तों द्वारा नदी में नारियल, फूल-माला और दीप अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की गई। कई श्रद्धालुओं ने परिवार सहित स्नान करने के बाद घाट पर मौजूद जरूरतमंदों को दान-पुण्य भी किया।
पापों से मुक्ति की है मान्यता
पंडित विजयानंद शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है। इसी अटूट आस्था के चलते न केवल स्थानीय बल्कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग नर्मदा घाटों पर पहुंचे। दिनभर घाटों पर चले भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
सुरक्षा व्यवस्था रही पुख्ता, भंडारे का हुआ आयोजन
पर्व के दौरान घाटों पर उमडऩे वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया। व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा सेवा भाव का परिचय देते हुए श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह प्रसाद, ठंडे शरबत और पेयजल का वितरण किया गया। दिनभर घाटों पर मेले जैसा माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।











