5 किलोमीटर के दायरे में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लागू

नर्मदा नगरी की गरिमा बनाए रखने प्रशासन सख्त

5 किलोमीटर के दायरे में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लागू

  • धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर पुलिस कंट्रोल रूम में हुई बैठक
  • होटल-ढाबों पर भी रहेगी कड़ी नजर

मंडला महावीर न्यूज 29. पवित्र नर्मदा नगरी की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने और आगामी धार्मिक आयोजनों में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी के निर्देशन में नर्मदा नगरी के 05 किलोमीटर परिधि क्षेत्र को पूर्णतः शराब मुक्त (ड्राय जोन) रखने हेतु पुलिस कंट्रोल रूम में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।

ड्राय जोन में क्रय-विक्रय और परिवहन प्रतिबंधित

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, घोषित ड्राय जोन क्षेत्र के भीतर शराब के क्रय-विक्रय, परिवहन और अवैध भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि नर्मदा तट की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए इस नियम का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

होटल और ढाबों के लिए सख्त निर्देश

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र के सभी होटल, ढाबा, लॉज और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अपने परिसरों में शराब का विक्रय या सेवन न कराएं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध वैधानिक और कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुविभागीय अधिकारी सोनल सिडाम, एसडीओपी पियूष मिश्रा, तहसीलदार हिमांशु भलावी, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सफीख खान, यातायात थाना प्रभारी ललित धुर्वे सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखें।

पुलिस की अपील

मंडला पुलिस ने आम नागरिकों, व्यापारियों और होटल संचालकों से अपील की है कि वे प्रशासनिक आदेशों का सम्मान करें। धार्मिक और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए इस मुहिम में प्रशासन का सहयोग करें ताकि आगामी आयोजनों को गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके।

मुख्य बिंदु:

  • दायरा: नर्मदा नगरी के चारों ओर 05 किलोमीटर का क्षेत्र।
  • प्रतिबंध: शराब का क्रय-विक्रय, परिवहन और अवैध भंडारण पूरी तरह बंद।
  • कारवाही: उल्लंघन करने वाले संचालकों और व्यक्तियों पर होगी कानूनी कार्यवाही।
  • उद्देश्य: धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति और पवित्रता बनाए रखना।

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