धार में बनेगा भव्य मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान

धार में बनेगा भव्य मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान

सीएम डॉ. मोहन यादव ने की ऐतिहासिक घोषणा

  • 750 वर्षों में पहली बार भोजशाला में विधि-विधान से हुआ पूजन
  • सीएम बोले- “धार अब नई ऊंचाइयों को छुएगा”

धार/भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्य प्रदेश के इतिहास में 25 मई, 2026 की तिथि स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई है। लगभग 750 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद धार की ऐतिहासिक भोजशाला में विधि-विधान से मां वाग्देवी का पूजन संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंगा दशमी के पावन अवसर पर भोजशाला पहुंचकर न केवल मां वाग्देवी की आराधना की, बल्कि धार वासियों को विकास की बड़ी सौगातें देते हुए ‘मां सरस्वती लोक’ और ‘राजा भोज शोध संस्थान’ स्थापित करने की ऐतिहासिक घोषणा की।

धार को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार राजा भोज की नगरी है, जो सनातन संस्कृति का गौरव है। न्यायालय के फैसले के बाद धार अब विकास की एक नई दुनिया में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती लोक के निर्माण से यह क्षेत्र पर्यटन और साहित्य का प्रमुख केंद्र बनेगा। वहीं, राजा भोज शोध संस्थान के माध्यम से राजा भोज की जल संरक्षण तकनीक और उनके गौरवशाली इतिहास का अध्ययन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदला दौर

सीएम डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश में न्यायालय के निर्णयों को पूरी दृढ़ता से लागू करने का सामर्थ्य प्रधानमंत्री मोदी में है। राम मंदिर के निर्णय का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी जी ने विरासत और विकास को एक साथ आगे बढ़ाया है।

औद्योगिक और पर्यटन का बनेगा गढ़

मुख्यमंत्री ने धार को प्रदेश का सबसे अच्छा औद्योगिक जिला बताते हुए कहा कि ‘पीएम मित्रा पार्क’ के माध्यम से यहाँ के आदिवासी भाई-बहनों द्वारा उत्पादित कपास से तैयार कपड़े विश्व स्तर पर निर्यात किए जाएंगे। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि धार में 88 करोड़ रुपये से अधिक के 12 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया गया है। इनमें 64 प्राचीन बावड़ियों और तालाबों का जीर्णोद्धार भी शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने धार वासियों के 750 वर्षों के संघर्ष को नमन करते हुए संकल्प लिया कि अब धार जिला विकास की दौड़ में पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहेगा।


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