कान्हा प्रबंधन और पत्रकारों के बीच सुलह

कान्हा प्रबंधन और पत्रकारों के बीच सुलह

9 दिनों से जारी धरने पर लगा विराम

  • प्रबंधन ने मानीं कई मांगें
  • पत्रकारों का पांच सदस्यीय दल हर माह करेगा पार्क की मॉनिटरिंग
  • 14 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति

मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की संदिग्ध मौतों और प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्ट्रेट मार्ग पर पिछले नौ दिनों से चल रहा पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को समाप्त हो गया। कान्हा प्रबंधन और आंदोलनकारी पत्रकारों के बीच लगभग दो घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद 14 सूत्रीय मांगों में से अधिकांश पर सहमति बन गई, जिसके बाद पत्रकारों ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।बुधवार को कान्हा टाइगर रिजर्व के कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में फील्ड डायरेक्टर रविन्द्र मणि त्रिपाठी, डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा और सहायक संचालक आशीष पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। पत्रकारों ने 14 बिंदुओं का मांग पत्र प्रबंधन के सामने रखा और बाघों की सुरक्षा व पार्क प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर तीखे सवाल किए। प्रबंधन द्वारा दिए गए तार्किक समाधानों और मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद पत्रकारों ने संतोष व्यक्त किया।

हर माह होगी मीडिया मॉनिटरिंग 

समझौते के तहत सबसे प्रमुख निर्णय यह लिया गया है कि पत्रकारों का एक पांच सदस्यीय दल प्रत्येक माह कान्हा पार्क का दौरा और मॉनिटरिंग करेगा। इससे मीडिया स्वयं जमीनी हकीकत देख सकेगा और जनता तक सही जानकारी पहुँचा पाएगा। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में प्रबंधन द्वारा गलत जानकारी दी गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

पक्के निर्माण और अतिक्रमण पर उठाई आवाज 

आंदोलनकारियों ने पार्क के भीतर हो रहे पक्के निर्माण कार्यों, जैसे होटल और रिसॉर्ट्स पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि पर्यावरणीय संतुलन बिगाडऩे वाले निर्माणों की जांच की जाएगी। साथ ही पार्क के तीनों प्रमुख गेटों के आसपास बढ़ रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने और रिसॉर्ट्स में देर रात डीजे, आतिशबाजी व विवाह समारोहों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग पर भी गंभीरता से विचार करने की बात कही गई।

बजट और सफारी व्यवस्था में पारदर्शिता 

पत्रकारों ने पिछले पांच वर्षों के बजट, वन्यजीवों की सुरक्षा पर हुए खर्च और प्रचार-प्रसार में व्यय की गई राशि को सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके साथ ही पार्क के भीतर होने वाले पुल-पुलिया व सड़क निर्माण कार्यों की जानकारी गेट पर सूचना बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित करने पर भी सहमति बनी है।

प्लास्टिक मुक्त और सुरक्षित कान्हा 

वन्यजीवों को संक्रमण से बचाने के लिए बाहरी पशुओं के प्रवेश पर रोक और पार्क क्षेत्र को पूरी तरह प्लास्टिक डिस्पोजल मुक्त बनाने की मांग को भी प्रबंधन ने स्वीकार किया है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में इन मांगों पर जमीनी अमल नहीं हुआ, तो वे पुन: आंदोलन की राह पकड़ेंगे।


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