परंपरा और उत्साह: मंडप सजाकर बच्चों ने निभाई विवाह की रस्में
अंजनियां में बच्चों ने रचाया गुड्डे-गुड़ियों का ब्याह
- अक्षय-तृतीया पर अंजनियां में गूंजी शहनाई
- अक्षय तृतीया पर बच्चों ने धूमधाम से निकाला गुड्डे-गुड़ियों का चल समारोह
- पकवानों के साथ हुआ आयोजन का समापन
मंडला महावीर न्यूज 29। सोमवार को अक्षय तृतीया का पर्व क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर अंजनियां ग्राम पंचायत में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी अनूठी ‘बच्चा पार्टी’ के साथ गुड्डे-गुड़ियों के प्रतीकात्मक विवाह का आयोजन किया। खेल-खेल में निभाई गई इन सामाजिक रस्मों के दौरान बच्चों के चेहरों पर एक विशेष उत्साह और मुस्कान देखने को मिली।
दो दिन पहले से शुरू हुई थीं तैयारियां
इस आयोजन को लेकर बच्चों में खासा उत्साह था। जानकारी के अनुसार, बच्चों ने दो दिन पूर्व ही स्थानीय बाजारों से सुंदर गुड्डे-गुड़ियों की खरीदारी कर ली थी। घर के एक कोने को आकर्षक सजावट सामग्री से सजाकर भव्य मंडप तैयार किया गया, जहां विवाह की सभी प्रतीकात्मक रस्में पूरी की गईं।
खिलौना कारों में निकली बारात
शादी का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा निकाली गई बारात रही। बच्चों ने अपनी खिलौना कारों और अन्य खेल सामग्री को बारात के वाहनों के रूप में सजाया और धूमधाम से जुलूस निकाला। इस दौरान बच्चों की एक टोली ‘घराती’ (वधू पक्ष) बनी, तो दूसरी टोली ‘बराती’ (वर पक्ष) की भूमिका में नजर आई।
पकवानों के साथ हुआ समापन
विवाह संपन्न होने के बाद घर में विशेष रूप से तैयार किए गए विभिन्न पकवानों का आनंद लिया गया। बच्चों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर इस उत्सव का समापन किया। इस मांगलिक खेल में मुख्य रूप से आरूषि पटैल, आरोही पटैल, आध्या पटैल, विवान पटैल, विहान पटैल शामिल रहे। इनके साथ ही अन्य ग्रामीण बच्चों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरे दिन गांव की गलियों में खुशी और उत्सव का माहौल बना रहा।
नोट:
अक्षय तृतीया पर गुड्डे-गुड़ियों के विवाह की यह परंपरा ग्रामीण अंचलों में सदियों से चली आ रही है, जो बच्चों को अनौपचारिक रूप से हमारी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ती है।












