राज्यसभा में गूंजी मंडला-डिंडोरी की आवाज
सांसद फूलो देवी नेताम ने जोरदार तरीके से उठाई नई रेल लाइन की मांग
- पेंड्रा रोड से गोटेगांव तक रेल कनेक्टिविटी की तैयारी
- आदिवासी अंचलों और अमरकंटक को मुख्यधारा से जोडऩे की बड़ी पहल
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला और डिंडोरी जैसे आदिवासी बाहुल्य जिलों के लिए रेल सुविधा का वर्षों पुराना इंतजार अब खत्म होने की उम्मीद जगी है। राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम ने संसद के उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को जोडऩे वाली एक महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से पेंड्रा रोड, अमरकंटक, डिंडोरी, मंडला, घंसौर, लखनादौन होते हुए गोटेगांव श्रीधाम तक नई रेल लाइन के शीघ्र निर्माण की मांग की है।
धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा क्षेत्र
सांसद नेताम ने सदन में कहा कि यह रेल लाइन केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी जीवनरेखा साबित होगी। माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने से धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह मार्ग सुलभ होगा।
आदिवासी अंचलों को मिलेगी नई पहचान
प्रस्तावित रेल लाइन के माध्यम से डिंडोरी और लखनादौन जैसे क्षेत्र पहली बार राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। गोटेगांव (श्रीधाम) के माध्यम से यह लाइन दिल्ली-मुंबई रेल कॉरिडोर से जुड़ जाएगी, जिससे स्थानीय निवासियों की पहुँच महानगरों तक आसान हो जाएगी। इस परियोजना से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
रेल मंत्रालय से बड़ी उम्मीदें
संसद में इस मुद्दे के उठने के बाद क्षेत्र के नागरिकों में उत्साह है। रेलवे संघर्ष समिति मंडला के अखिलेश सोनी का कहना है कि यदि यह प्रस्ताव जल्द पास होता है, तो मंडला को एक बहुत बड़ी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। वहीं आम नागरिक नितिन सोलंकी के अनुसार, इस रेल लाइन से बाहर पढऩे जाने वाले बच्चों और रोजगार के लिए पलायन करने वाले लोगों को सीधा फायदा होगा। अब क्षेत्र की जनता की नजरें रेल मंत्रालय द्वारा बजट आवंटन और सर्वे की प्रक्रिया पर टिकी हैं।









