आस्था का महासंगम, उमड़ा जनसैलाब
रामनगर की चौगान मढिया से निकली 3720 जवारों की भव्य शोभायात्रा
- दो शताब्दियों की परंपरा, 2 किमी लंबी कतार और भक्ति का सैलाब
- सफेद वस्त्रधारी व्हाइट लैंड में मां रहवेदनी के जयकारों के साथ नर्मदा तट पर हुआ विसर्जन
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले में गौंड राजाओं की ऐतिहासिक गौंडकालीन राजधानी रामनगर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ चौगान मढिया में चैत्र नवरात्रि में स्थापित किए गए 3720 जवारों और मनोकामना कलशों की विशाल विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। इस ऐतिहासिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए मंडला सहित पड़ोसी जिलों, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
जानकारी अनुसार शुभ मुहूर्त में शुरू हुई इस शोभायात्रा में रामनगर के साथ चिखली, नकावल, झिरियाटोला, गुरार, जीना पलेहरा, मुनु, बिलगांव, चंदवारा, रामपुर, भोदर, डोंगरमंडला, इमलिया, डुंगरिया, अंजनिया और बंजी जैसे दर्जनों गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। जब हजारों महिलाएं और पुरुष अपने सिर पर जवारे और कलश लेकर नर्मदा तट की ओर बढ़े, तो लगभग 2 किलोमीटर लंबी कतार लग गई। ढोल-नगाड़ों की थाप और माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। नर्मदा तट पर पहुँचकर पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ जवारों का विसर्जन किया गया।

विशिष्ट परंपरा-व्हाइट लैंड और मां रहवेदनी की महिमा
चौगान मढिया अपनी अनूठी परंपराओं के लिए विश्वविख्यात है। यहाँ विराजित शक्तिस्वरूपा को मां रहवेदनी के नाम से पूजा जाता है। इस स्थल को व्हाइट लैंड भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ पूजा के दौरान सफेद वस्त्र धारण करने की अनिवार्य परंपरा है। पिछले दो शताब्दी से परते परिवार यहाँ सेवा कार्य और पूजा-अर्चना संपन्न करा रहा है। गोंड जनजाति सहित समस्त समाज के लोग इस परिवार को शक्तिपीठ के गुरु के रूप में सम्मान देते हैं।

हैरतअंगेज पूजा पद्धति और अटूट विश्वास
यहाँ की पूजा पद्धति अत्यंत विशिष्ट है। पंडा द्वारा लोहे की एक ऊँची सीढ़ी पर चढ़कर दीप प्रज्वलित किया जाता है, जिसे देखना अपने आप में एक रोमांचक अनुभव होता है। मान्यता है कि यहाँ मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है, जिसके फलस्वरुप श्रद्धालु भारी संख्या में मनोकामना कलश स्थापित करते हैं। एक अन्य परंपरा के अनुसार, मानसिक व्याधियों से मुक्ति के लिए पीडि़तों को लोहे की जंजीर से सीढ़ी में बाँधने की आस्था भी यहाँ प्रचलित है।

सुरक्षा व्यवस्था के साथ जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस भव्य आयोजन में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके, बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने शिरकत कर माता का आशीर्वाद लिया। प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय समाजसेवियों द्वारा जगह-जगह शीतल पेयजल और विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। चैत्र नवरात्रि के इस पावन विसर्जन उत्सव ने एक बार फिर रामनगर की ऐतिहासिक विरासत और जन-जन की अटूट आस्था को जीवंत कर दिया।










