नारायणगंज में यातायात व्यवस्था बेपटरी
ऑटो चालकों की मनमानी और अवैध पार्किंग से जनता त्रस्त
- ओवरलोडिंग और एंट्री के खेल ने बढ़ाई मुसीबत
- टिकरिया थाने के सामने से गुजरते हैं नियम तोड़ते वाहन
मंडला महावीर न्यूज 29. तहसील मुख्यालय नारायणगंज में इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। क्षेत्र में ऑटो चालकों की बढ़ती मनमानी और नियमों की अनदेखी आमजन के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। नगर में व्यवस्थित ऑटो स्टैंड न होने के कारण चालक मुख्य बाजार और बस स्टैंड क्षेत्र में कहीं भी वाहन खड़े कर सवारियां भर रहे हैं, जिससे दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है।
नारायणगंज मुख्यालय होने के कारण प्रतिदिन करीब 50 ग्राम पंचायतों से लोग अपने कार्यों के लिए यहाँ पहुँचते हैं। आवाजाही का मुख्य साधन ऑटो और टैक्सी ही हैं, लेकिन इनकी अनियंत्रित पार्किंग ने पैदल चलना भी दूभर कर दिया है। विशेष रूप से हाट-बाजार के दिनों में घंटों जाम लगा रहता है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और एम्बुलेंस भी फंस जाती हैं।
धौंस और अवैध एंट्री का आरोप
सूत्रों के अनुसार कई ऑटो चालकों का व्यवहार विवादस्पद होता जा रहा है। विरोध करने पर वे न केवल बहस करते हैं, बल्कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर यह कहकर धमकी देते हैं कि उनकी थाने में नियमित एंट्री जाती है। इतना ही नहीं क्षेत्र में दौड़ रहे कई वाहनों के पास वैध दस्तावेज तक नहीं हैं। आरोप है कि दुर्घटना की स्थिति में साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर मामलों को दबाने का प्रयास भी किया जाता है।
जान जोखिम में डालकर सफर
ओवरलोडिंग यहाँ की सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है। अधिक मुनाफे के लालच में ऑटो के दोनों ओर फुटरेस्ट पर यात्रियों को लटकाकर ले जाया जाता है। विडंबना यह है कि ये ओवरलोड वाहन प्रतिदिन टिकरिया थाने के सामने से बेखौफ गुजरते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी ने उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र की जनता अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई और अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग कर रही है।










