आस्था का अटूट केंद्र बड़ी सिंहवाहिनी
महिष्मति नगरी के सिंहवाहिनी वार्ड में उमड़ा भक्ति का सैलाब
- सदियों पुरानी परंपरा, सेठ परिवार के दिवाले में भक्तों की भारी भीड़
- दरबार में गूंज रहे मां के जस और भजन
मंडला महावीर न्यूज 29. महिष्मति नगरी के नाम से विख्यात मंडला के वार्ड नंबर 9 स्थित प्राचीन बड़ी सिंहवाहिनी मंदिर में इन दिनों चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में शुमार यह मंदिर सेठ परिवार का दिवाला के नाम से भी प्रसिद्ध है, जहाँ सुबह से ही माता के दर्शन और जल ढारने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग रही हैं।
इस ऐतिहासिक मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी पीढिय़ों से सेठ भद्देलाल गणेश प्रसाद अग्रवाल के परिवार द्वारा निभाई जा रही है। वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को संजोए यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्रीय पहचान का प्रतीक भी है।
मनोकामना पूर्ति के लिए बोए जाते हैं ज्वारे
मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चैत्र और क्वार नवरात्रि के दौरान यहाँ बोए जाने वाले ज्वारे और खप्पर हैं। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर माता के दरबार में अर्जी लगाने पहुँचते हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि मां सिंहवाहिनी के दर से कोई खाली हाथ नहीं जाता।
भक्तिमय आयोजनों की धूम
नवरात्रि के प्रथम दिन से ही मंदिर परिसर जस, भजन और कीर्तन की स्वर लहरियों से गुंजायमान है। नवमी के दिन यहाँ जवारों का भव्य विसर्जन जुलूस आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर सेठ भद्देलाल मार्ग होते हुए उर्दू घाट तक पहुँचेगा। विसर्जन स्थल के समीप ही सेठ परिवार द्वारा स्थापित प्राचीन शिवालय में भी भक्त भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।










