रोगों को हरने वाली माता की अटूट महिमा

अंजनिया में शीतला दरबार

आस्था की बयार और भक्ति का सैलाब

  • रोगों को हरने वाली माता की अटूट महिमा
  • 59 खप्पर और 14 ज्योति कलशों से जगमग हुआ मंदिर
  • सुबह-शाम आरती में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़

मंडला महावीर न्यूज 29. चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर अंजनिया स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर इन दिनों आस्था और अटूट विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवरात्रि में विधि-विधान के साथ मंदिर में 59 खप्पर और 14 ज्योति कलशों की स्थापना की गई है। पूरा नगर माता की भक्ति के रंग में डूबा हुआ है और सुबह-शाम होने वाली महाआरती में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है।बताया गया कि क्षेत्र में शीतला माता मंदिर की पहचान एक अत्यंत प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठ के रूप में है। स्थानीय मान्यता है कि माता शीतला त्वचा संबंधी रोगों और व्याधियों को हरने वाली देवी हैं। भक्तगण चेचक और अन्य कष्टों से मुक्ति की कामना लेकर यहाँ माता को जल अर्पित करते हैं। परंपरा के अनुसार क्षेत्र का कोई भी शुभ कार्य माता के दरबार में मत्था टेकने और आशीर्वाद लेने के बाद ही प्रारंभ किया जाता है। यही कारण है कि चैत्र नवरात्रि में यहाँ दूर-दराज के जिलों से भी श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।

सांयकालीन आरती में भक्ति का चरम 

नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। प्रतिदिन शाम को ढोल, मंजीरे और हारमोनियम की मधुर धुनों के साथ जब माता की आरती होती है, तो पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठता है। आरती के समय भक्तों की लंबी कतारें माता के दर्शनों के लिए आतुर नजर आती हैं। मंदिर समिति के अनुसार, नौ दिनों तक यहाँ भजन-कीर्तन और विशेष अनुष्ठानों का सिलसिला अनवरत जारी रहेगा।

धार्मिक अनुष्ठान का बना केंद्र 

मंदिर में ज्योति कलशों की स्थापना के साथ ही नौ दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा शुरू हो चुकी है। यहाँ प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा व दर्शन की सुचारु व्यवस्था की गई है। आस्था के इस संगम ने पूरे अंजनिया क्षेत्र को धर्ममय बना दिया है।



रिपोर्टर- गर्जेन्द्र पटेल, अंजनिया, मंडला ✍️

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