हैरतअंगेज-हाथों के बल 3600 किमी की नर्मदा परिक्रमा पर निकले संत
- अमरकंटक से शुरू हुई 4 साल की कठिन तपस्या
- दर्शन के लिए उमड़ रहा जनसैलाब
- मधुमक्खियों के हमले के बाद भी अडिग
मंडला महावीर न्यूज 29. आस्था और संकल्प की एक ऐसी मिसाल मंडला जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है जिसे देख हर कोई दांतों तले उंगली दबा रहा है। हाथों के बल अधोमुखी 3600 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा का संकल्प लेकर निकले धर्मपुरी महाराज मंडला जिले में प्रवेश कर चुके हैं। पिछले दो दिनों से वे जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर ग्राम पंचायत पदमी में नेशनल हाईवे किनारे डेरा डाले हुए हैं।
धर्मपुरी महाराज ने अपनी यह कठिन यात्रा 13 दिसंबर को मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से शुरू की थी। वे हाथों के बल चलकर पूरी परिक्रमा करेंगे, जिसे पूरा करने में लगभग 4 वर्ष का समय लगेगा। अब तक वे करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। जैसे ही लोगों को उनके पदमी पहुंचने की खबर मिली आसपास के गांवों और हाईवे से गुजरने वाले राहगीरों की भारी भीड़ उनके दर्शन के लिए उमडऩे लगी।
भंडारे के दौरान मधुमक्खियों का हमला
गुरुवार को पदमी में संत के प्रवास के दौरान एक अप्रिय घटना भी घटी। जब वहां भंडारे का आयोजन चल रहा था, इसी दौरान पास के पेड़ से मधुमक्खियां उडऩे लगीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान झोपड़ी में विश्राम कर रहे महाराज को भी आंख के पास मधुमक्खी ने डंक मार दिया। हालांकि इस बाधा के बावजूद महाराज का संकल्प अडिग रहा और स्थिति सामान्य होने पर कार्यक्रम पुन: शुरू हुआ।
आस्था का केंद्र बनी अधोमुखी परिक्रमा
श्रद्धालु इसे मां नर्मदा की विशेष कृपा और संत की असीम श्रद्धा मान रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए लोग दूर से ही संत के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं। बताया गया कि धर्मपुरी महाराज शुक्रवार को पदमी से आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे।
रिपोर्टर- गर्जेन्द्र पटेल, अंजनिया, मंडला ✍️










