बीजाडांडी सीईओ के खिलाफ आक्रोश

बीजाडांडी सीईओ के खिलाफ आक्रोश

भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोपों के बीच हटाने की मांग

  • कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
  • जनप्रतिनिधियों का हल्लाबोल
  • 10% कमीशन के आरोपों में घिरीं सीईओ बसंती दुबे
  • कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत बीजाडांडी में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) बसंती दुबे के विरुद्ध भ्रष्टाचार और तानाशाहीपूर्ण रवैये के गंभीर आरोप लगाते हुए जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्यों और सरपंचों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर बसंती दुबे को तत्काल पद से हटाने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोप

​ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सीईओ द्वारा पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों और विभिन्न मदों की राशि पर 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है। कमीशन न देने पर सरपंचों और सचिवों को जांच का डर दिखाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। साथ ही, नवनियुक्त सचिवों के वेतन से अवैध वसूली और जबलपुर की निजी फर्मों के फर्जी बिलों के माध्यम से सरकारी राशि के गबन के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

विकास कार्य हो रहे प्रभावित

​जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सांसद, विधायक और जिला पंचायत निधि से स्वीकृत विकास कार्यों की फाइलों को अनावश्यक रूप से रोका जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना जैसी संवेदनशील योजनाओं में भी टेंट और भोजन ठेकेदारों पर भुगतान के लिए दबाव बनाने की बात सामने आई है। आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद अधिकारियों की इस कार्यशैली से विकास की गति थम गई है।

आंदोलन की चेतावनी

​आवेदनकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सीईओ को तत्काल नहीं हटाया गया और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई, तो समस्त जनप्रतिनिधि और पंचायत कर्मचारी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र जांच का आश्वासन दिया है।


 


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