31 साइक्लिस्टों ने की 45 किमी की मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा

31 साइक्लिस्टों ने 45 किमी की मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा कर फिटनेस और पर्यावरण का दिया संदेश

  • मंडला साइकिलिंग क्लब की अनूठी पहल
  • किला वार्ड से शुरू हुई साइकिल यात्रा
  • युवाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह

मंडला महावीर न्यूज 29. स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को लेकर मंडला साइकिलिंग क्लब द्वारा आयोजित मां नर्मदा उत्तरवाहिनी साइकिल परिक्रमा का सफलतापूर्वक समापन हुआ। लगभग 45 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में क्लब के 31 साइक्लिस्टों ने भाग लेकर न केवल अपनी शारीरिक क्षमता का परिचय दिया, बल्कि नागरिकों को फिट रहने और प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए प्रेरित भी किया।जानकारी अनुसार इस साइकिल यात्रा का शुभारंभ रविवार सुबह 5.30 बजे किला वार्ड स्थित व्यास मंदिर से हुआ। यात्रा शुरू होने से पूर्व मां नर्मदा का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। माहिष्मती दो दिवसीय मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा समिति के सदस्य सुधीर कांसकार ने सभी प्रतिभागियों का तिलक व पुष्पहार से स्वागत कर उनके सफल सफर की कामना की। इसके बाद अनुशासित दल प्राकृतिक सौंदर्य के बीच अपनी परिक्रमा के लिए रवाना हुआ।

फिटनेस और पर्यावरण को बढ़ावा 

वर्ष 2024 में स्थापित मंडला साइकिलिंग क्लब का यह आयोजन जिले में स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने की कड़ी का हिस्सा है। क्लब के सदस्यों ने बताया कि साइकिलिंग न केवल हृदय और शरीर के लिए उत्तम व्यायाम है, बल्कि यह कार्बन उत्सर्जन कम कर पर्यावरण बचाने का भी सरल उपाय है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए विशेष रूप से स्वयंसेवकों की टीम तैनात रही, जिससे पूरा सफर सुरक्षित और व्यवस्थित रहा।

इन साइक्लिस्टों ने निभाई सक्रिय भूमिका 

इस चुनौतीपूर्ण परिक्रमा में महेश चड़ार, दिनेश दुबे, राकेश अग्रवाल, संतोष चौकसे, संतोष कुशवाहा, विजय सिंह, सतीष चतुर्वेदी, रुचिता चतुर्वेदी, हरिशंकर महतो, महासिंह परस्ते, गौरव मिश्रा, नवीन सोनी, अजित सिंह मरावी, हेमंत खरे, दिलीप सिहानी, ताजिम अल्वी, रूपेश इसरानी, मनीष झारिया, कमलेश कार्तिकेय, शशांक चौबे, तिलोत्तमा खरे, अभिषेक गुप्ता और संजय विश्वकर्मा सहित क्लब के अन्य उत्साही सदस्य शामिल रहे। आयोजकों ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगे, जिससे मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा के साथ समाज में फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति को और मजबूत किया जा सके।



 

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