पत्रकार को बंधक बनाकर मोबाइल तोडऩे का प्रयास
ककैया डोलोमाइट खदान के मैनेजर व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज
- ब्लास्टिंग की खबर कवर करने गए पत्रकार के साथ गुंडागर्दी
- एसपी के हस्तक्षेप के बाद बम्हनी पुलिस ने दर्ज किया मामला
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में डोलोमाइट खदान का संचालन और उनसे जुड़ी अवैध गतिविधियां एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ताजा मामला बम्हनी थाना क्षेत्र के ककैया डोलोमाइट माइंस का है, जहाँ खबर कवरेज के लिए गए एक पत्रकार को न केवल बंधक बनाया गया, बल्कि उसके साथ अभद्रता कर मोबाइल व आईडी कार्ड तोडऩे का प्रयास किया गया। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के सख्त निर्देश पर अब खदान मैनेजर योगेशराज पटेल और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
बताया गया कि एक प्रदेश स्तर के न्यूज चैनल के जिला रिपोर्टर रामकुमार उर्फ रोहित बघेल 18 फरवरी 2026 को भुआ बिछिया ब्लाक के बीजेगांव क्षेत्र में खदान से होने वाली भारी ब्लास्टिंग और उससे परेशान ग्रामीणों की समस्या को कवर करने पहुंचे थे। आरोप है कि जैसे ही खदान में मौजूद कर्मचारियों को पत्रकार के कैमरे व वीडियो बनाने की जानकारी लगी, मैनेजर योगेशराज पटेल और अन्य कर्मचारी आक्रोशित हो गए। उन्होंने पत्रकार को घेरकर न केवल बंधक बनाया, बल्कि उनके साथ झूमाझटकी करते हुए मोबाइल से वीडियो डिलीट करने का दबाव डाला और प्रेस आईडी कार्ड भी तोड़ दिया।
पुलिस अधीक्षक की सक्रियता से मिला न्याय
पत्रकार के साथ हुई इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने इसे गंभीरता से लिया। एसपी के हस्तक्षेप के बाद ही बम्हनी और मंडला थाना पुलिस सक्रिय हुई, जिसके बाद पत्रकार को खदान से बाहर निकाला जा सका। जांच पड़ताल और पुख्ता प्रमाणों के बाद पुलिस ने योगेशराज पटेल व अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 130, 127(2), 324(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल
इस घटना ने खनिज विभाग की उदासीनता को भी उजागर कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में नियमों को ताक पर रखकर ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे उनके घरों में दरारें आ गई हैं और स्कूल जाने वाले बच्चे सहमे रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खनिज विभाग को बार-बार शिकायतें देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। आरोप है कि खनिज विभाग केवल छोटे-मोटे ट्रैक्टर पकडऩे तक सीमित है, जबकि रसूखदार खदान संचालकों पर कार्रवाई करने से बचता रहा है।
पत्रकारिता पर हमला, आक्रोशित पत्रकार संघ
इस घटना के बाद जिले के पत्रकार समुदाय में भारी रोष है। पत्रकारों का कहना है कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। यदि खदान संचालकों को इस प्रकार का संरक्षण मिलता रहा, तो जनहित की आवाज दबा दी जाएगी। पत्रकारों ने एसपी रजत सकलेचा की त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस सख्त कदम से कानून-व्यवस्था में उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।









