100 दिवसीय कार्य योजना में जिले की स्वास्थ्य संस्थाएं हो रही हाईटेक
मंडला की स्वास्थ्य सेवाओं ने गाड़े सफलता के झंडे
- बीजाडांडी सीएचसी और बुदरा आरोग्य मंदिर को मिला एनक्यूएएस प्रमाणन
- राष्ट्रीय असेसमेंट में बीजाडांडी ने हासिल किए 90.17 प्रतिशत अंक
- जिले में अब एनक्यूएएस प्रमाणित संस्थाओं की संख्या हुई 58
- कड़े मानकों पर खरा उतरा बीजाडांडी सीएचसी
मंडला महावीर न्यूज 29. स्वास्थ्य क्षेत्र में मंडला जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के बीजाडांडी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीजाडांडी और बीजाडांडी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर बुदरा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी गुणवत्ता का लोहा मनवाया है। भारत सरकार और नेशनल हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर द्वारा जारी परिणाम के अनुसार इन दोनों संस्थाओं को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त हुआ है। बीजाडांडी सीएचसी को राष्ट्रीय प्रमाणन मिलने पर सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने बीजाडांडी सीएचसी स्टॉफ को सम्मानित किया है।
जानकारी अनुसार विगत 16 और 17 फरवरी को नेशनल क्वालिटी असेसर डॉ. विवेक भारती झारखंड और डॉ. चन्द्र शेखर तिवारी छत्तीसगढ़ द्वारा इन संस्थाओं का सघन असेसमेंट किया गया था। इस निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुविधा, दवाइयों की उपलब्धता और इंफेक्शन कंट्रोल जैसे कड़े पैमानों की जांच की गई थी। परिणाम स्वरूप सीएचसी बीजाडांडी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 90.17 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वहीं आयुष्मान आरोग्य मंदिर बुदरा ने 86.73 प्रशित अंक हासिल कर नेशनल क्वालिटी सर्टिफिकेट अपने नाम किया।
गहराई से किया मूल्यांकन
बीएमओ डॉ. अभय कीर्ति गजभिये, सीबीएमओ डॉ. अजयतोष मरावी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कुल 9 विभागों जिनमें ओपीडी, आईपीडी, लेबर रूम, लैब, फार्मेसी, रेडियोलॉजी, ऑक्जिलरी और सामान्य प्रशासन का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया। वहीं बुधरा सब-सेंटर में प्रसव सेवाएं, नवजात शिशु देखभाल, किशोर स्वास्थ्य, संचारी एवं असंचारी रोगों का प्रबंधन, मरीजों के अधिकार और क्लीनिकल सेवाओं की समीक्षा की गई। टीम ने आउटपुट संबंधी समस्त रिकॉर्ड्स और सपोर्टिंग सेवाओं की गहराई से जांच की।
100 दिवसीय कार्य योजना का असर
सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने बताया कि जिले में मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना, उप संचालक डॉ पंकज बूधोंलिया, क्षेत्रीय संचालक डॉ संजय मिश्रा, राज्य क्वालिटी सलाहकार डॉ विवेक मिश्रा, डॉ संदीप शर्मा के मार्गदर्शन और कलेक्टर सोमेश मिश्रा के नेतृत्व में डीपीएम शैलेन्द्र सिंह एमएंडई प्रणय टेंभरे. जिला क्वालिटी मानिटर शरद मेश्राम, सीपीएचसी सलाहकार अर्जुन सिंह के मार्गदर्शन में 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत स्वास्थ्य संस्थाओं के नेशनल असेसमेंट के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को एनक्यूएएस मापदंडों के अनुरूप विकसित करना है। पूर्व में जिले की 53 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 3 सीएचसी और 4 पीएचसी प्रमाणित थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर कुल 54 आरोग्य मंदिर और 4 सीएचसी हो गई है।
सफलता में टीम का सामूहिक योगदान
इस राष्ट्रीय उपलब्धि के पीछे मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना, उप संचालक डॉ. पंकज बूधोंलिया, क्षेत्रीय संचालक डॉ. संजय मिश्रा और राज्य क्वालिटी सलाहकारों का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा है। स्थानीय स्तर पर बीएमओ डॉ. अभय गजभिये, डॉ. राहुल ठाकुर, डॉ. अक्षय हरदाहा और जिला क्वालिटी टीम की सोनम नामदेव, शुभ्रा वरकडे व पूनम कोल्हे, डॉ. दिनेश कुमार गौर, तपन गजभिये, नितिन साहू, रविशंकर दुबे, प्रदीप साहू, मीना तिवारी, रश्मि परस्ते, बीसीएम राहुल चंद्रौल, सुहागा झारिया, कमलेश मरावी, आरके विश्वकर्मा, नेहा सोनी, आरती बरकड़े, ज्योति यादव, रेवती मार्को, तरूण संत, अनिल, कीर्ति, ललित, बीडी, धनेश, नेहा समेत समस्त सीएचसी स्टाफ ने विशेष मेहनत की। संस्थाओं में पदस्थ नर्सिंग स्टाफ, एएनएम, सुपरवाइजर और आशा कार्यकर्ताओं की टीम ने दिन-रात मेहनत कर स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया। इस सफलता पर समस्त विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।










