बड़झर में तीन माह से हैंडपंप बंद
भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण
- पीएचई विभाग ने शिकायत के बाद भी नहीं दिया ध्यान
- एक किमी दूर नर्मदा नदी से पानी ढोने को मजबूर 50 परिवार
मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड मोहगांव के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़झर के वार्ड नंबर 2 में पेयजल संकट गहरा गया है। यहाँ सुम्मत सिंह परते के घर के पास लगा वर्षों पुराना हैंडपंप पिछले तीन महीनों से खराब पड़ा है। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी की आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों की मुसीबतें दोगुनी हो गई हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर से आँखें मूंदे बैठा है।
ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप सुधारने के लिए पीएचई जिला कार्यालय मंडला में लिखित आवेदन दिया जा चुका है। कार्यालय से आश्वासन मिला था कि होली और रंग पंचमी के तुरंत बाद हैंडपंप चालू कर दिया जाएगा। परंतु हफ्ता बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब विभाग द्वारा दिए गए संपर्क नंबरों पर फोन करने पर अधिकारी कॉल रिसीव करना भी बंद कर दिए हैं।
नर्मदा तट तक का कठिन सफर
वार्ड नंबर 2 की पंच अंजुलता परते और समाजसेवी पीडी खैरवार ने बताया कि इस वार्ड के लगभग 50 परिवारों के सामने पानी का विकराल संकट खड़ा हो गया है। हैंडपंप बंद होने के कारण महिलाओं और बुजुर्गों को लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित नर्मदा नदी से सिर पर बर्तन ढोकर पानी लाना पड़ रहा है। दहकती धूप में यह सफर ग्रामीणों के लिए बेहद कष्टकारी साबित हो रहा है।
प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपील
इस विकट समस्या को लेकर ग्रामीण बसंती मरावी, प्रियंका परते, समरती, सुकरती, बसंती धुर्वे, मीरा बाई, कमलिया, मोहन, सम्मत लाल, परशुराम मरावी, कलीराम, बुधराम और गोविंद परते सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही हैंडपंप ठीक नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।










