शराब बेचने और पीने वालों पर लगेगा आर्थिक दंड

नशा मुक्ति के लिए बम्हनी में महापंचायत

शराब बेचने और पीने वालों पर लगेगा आर्थिक दंड, महिलाओं ने भरी हुंकार

  • युवा पीढ़ी को बचाने क्रांतिकारी पहल, कड़े दंड का प्रावधान
  • बम्हनी से बरबसपुर तक गूंजा नशा मुक्ति का नारा
  • पुलिस प्रशासन का मिला साथ

मंडला महावीर न्यूज 29. समाज को खोखला कर रही नशे की लत के खिलाफ अब ग्रामीण क्षेत्रों में जनाक्रोश पनपने लगा है। नारायणगंज जनपद के भवाल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्हनी में ग्रामीणों, बुजुर्गों और मातृशक्ति ने एकजुट होकर पूर्ण शराबबंदी और नशा मुक्ति का ऐतिहासिक संकल्प लिया है। गांव के खेरमाई मंदिर परिसर में आयोजित एक बैठक में बुद्धिजीवियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब गांव की अपनी न्याय नीति होगी।पंचायत में फैसला लिया गया कि गांव में जो भी व्यक्ति अवैध शराब बनाएगा या बेचेगा, उसे आर्थिक रूप से दंडित किया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक कार्यों में शराब पीकर आने वालों पर भी समाज का कड़ा चाबुक चलेगा। यह निर्णय हाल ही में शराब के कारण हुई एक सड़क दुर्घटना, घरेलू हिंसा के मामलों और एक छात्रा से जुड़ी अप्रिय घटना के बाद लिया गया है।

रेली निकालकर जगाई अलख 

बैठक के बाद महिलाओं, युवाओं और पंच-सरपंचों ने बम्हनी से बरबसपुर और सोडर गांव तक विशाल रैली निकाली। इस दौरान टिकरिया थाना पुलिस का भी सराहनीय सहयोग मिला। रैली में बिनीता देवी, मीरा, संगीता, गीता सहित सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। समाजसेवी दुर्गेश सिंगरोरे लोधी ने अपने संबोधन में राजनेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ नेता वोट के लिए शराब बांटते हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि उनकी खुद की आने वाली पीढ़ी इससे बर्बाद हो रही है। उन्होंने बम्हनी के इस क्रांतिकारी संकल्प की सराहना करते हुए इसे पड़ोसी गांवों के लिए एक मिसाल बताया।

बुजुर्ग और युवाओं ने उठाया जिम्मा 

ग्रामीणों का कहना है कि नशा केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी अंधकार में डाल रहा है। अपराधों और सड़क दुर्घटनाओं के पीछे शराब एक मुख्य वजह है। अपनी युवा पीढ़ी को मानसिक रूप से अपाहिज होने से बचाने के लिए गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने यह जिम्मा उठाया है।



 

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