नारी शक्ति का आत्मबल ही सफलता की कुंजी

नारी शक्ति का आत्मबल ही सफलता की कुंजी

  • सामाजिक कार्यकर्ता रामा परते ने महिलाओं को किया प्रेरित
  • अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रामा परते ने दिया सशक्तिकरण का संदेश

मंडला महावीर न्यूज 29. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व संध्या पर मोहगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत कौआडोंगरी सकरी की सामाजिक कार्यकर्ता रामा परते ने क्षेत्र की महिलाओं और नारी शक्ति को शुभकामनाएँ देते हुए उनके अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल अधिकारों की बात नहीं, बल्कि खुद पर विश्वास करने और अपने सपनों को निडर होकर हासिल करने का नाम है।

रामा परते ने अपने संदेश में कहा कि जो महिलाएं स्वयं पर विश्वास करती हैं और अपनी सोच बदलती हैं, वही दुनिया बदलने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि एक शिक्षित नारी न केवल अपने परिवार को, बल्कि पूरे समाज को विकास की नई दिशा प्रदान करती है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपनी उम्र या जिम्मेदारियों के बोझ तले खुद को नजरअंदाज न करें, बल्कि अपनी क्षमताओं को पहचान कर अपने लिए समय निकालें।

सकारात्मक सोच और कलात्मक अभिव्यक्ति 

उन्होंने बताया कि महिलाएं अपने अनुभवों और सोच को कविता, संगीत, नृत्य, लेखन या खेल जैसी कलाओं के माध्यम से व्यक्त कर समाज में एक आदर्श वातावरण निर्मित कर सकती हैं। रामा ने कहां कि जब एक महिला आत्मनिर्भर विकास की दिशा में कदम बढ़ाती है, तो वह पूरे परिवेश को सकारात्मक बना देती है।

बेटियों के सम्मान में काव्य पंक्तियाँ

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बेटे और बेटी की समानता को रेखांकित करते हुए भावुक पंक्तियाँ साझा कीं। जिसमें उन्होंने कहां बेटा अंश है तो बेटी वंश है, बेटा शब्द है तो बेटी अर्थ है। बेटा हीरा है तो बेटी मोती है। रामा परते ने अपील की कि समाज में महिलाओं को केवल पारिवारिक भूमिकाओं तक सीमित न मानकर उनके असीम आत्मबल और प्रभावशाली क्षमताओं का सम्मान किया जाए।



 

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