अद्भुत तपस्या : आस्था की कठिन डगर

रामनगर की ओर बढ़ रहे धर्मपुरी महाराज

आस्था की कठिन डगर

  • हाथों के बल चलकर नर्मदा परिक्रमा कर रहे धर्मपुरी महाराज पहुंचे बिलगांव
  • अद्भुत तपस्या: प्रतिदिन हाथों के बल 3 किमी का सफर

मंडला महावीर न्यूज 29. आस्था और कठिन तपस्या का एक विरल उदाहरण इन दिनों नर्मदा तटों पर देखने को मिल रहा है। मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहे धर्मपुरी महाराज शनिवार को मंडला जिले के बिलगांव पहुंचे। उनकी इस परिक्रमा की सबसे विशेष और कठिन बात यह है कि वे यह पूरी यात्रा अपने पैरों के बजाय हाथों के बल चलकर पूर्ण कर रहे हैं।

प्रतिदिन का लक्ष्य और कठिन साधना

जानकारी के अनुसार, धर्मपुरी महाराज अपनी इस अनूठी साधना के दौरान प्रतिदिन लगभग दो से तीन किलोमीटर की दूरी हाथों के बल चलकर तय करते हैं। वर्तमान में वे बिलगांव पहुंच चुके हैं, जहाँ से रामनगर की दूरी लगभग 10 किलोमीटर और जिला मुख्यालय मंडला की दूरी करीब 30 किलोमीटर शेष है। निरंतर हाथों के बल आगे बढ़ते हुए महाराज मां नर्मदा की आराधना में लीन हैं।

श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़

महाराज की इस कठिन साधना और संकल्प को देखने के लिए रास्ते में पड़ने वाले गांवों के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग न केवल उनकी इस तपस्या को देखकर आश्चर्यचकित हैं, बल्कि बड़ी संख्या में उनका आशीर्वाद लेने भी पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि आज के दौर में ऐसी अटूट श्रद्धा और शरीर को तपा देने वाली साधना अत्यंत दुर्लभ है।

धर्मपुरी महाराज का संकल्प और उनकी यह अनूठी नर्मदा परिक्रमा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ हर कोई उनके अटूट संकल्प की सराहना कर रहा है।



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