सरकारी बजट से हुए निर्माण कार्यों पर नाम चमकाने की होड़

सरकारी बजट से हुए निर्माण कार्यों पर नाम चमकाने की होड़

  • 15वें वित्त की राशि पर सियासत हावी
  • जनता के पैसे से नेताओं की वाहवाही
  • लाइट टावरों पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के नाम देख भड़के ग्रामीण
  • चर्चाओं का बाजार गर्म

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत नारायणगंज इन दिनों अपनी कार्यशैली से ज्यादा राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ को लेकर सवालों के घेरे में है। सरकारी खजाने से होने वाले जनहित के कार्यों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा अपना नाम लिखवाकर निजी श्रेय लेने का मामला तूल पकड़ रहा है।जानकारी अनुसार नारायणगंज जनपद के अंतर्गत शासन द्वारा विभिन्न निर्माण कार्य और लाइट टावर लगाए जा रहे हैं। बताया गया कि नियमानुसार ये कार्य सार्वजनिक धन 15वें वित्त आयोग की राशि से स्वीकृत किए गए हैं। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि टिकरिया, पटेहरा और नारायणगंज में लगे हाई-मास्ट लाइट टावरों पर अब जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नाम बड़े-बड़े अक्षरों में छपने लगे हैं।

क्षेत्र में चर्चा और विरोध का विषय 

क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि यह जनता के पैसे का दुरुपयोग कर राजनीतिक रोटियां सेंकने जैसा है। सरकारी राशि से हुए कार्यों पर अपना नाम लिखवाकर वाहवाही बटोरना नैतिक रूप से गलत है। सोशल मीडिया और ग्रामीण अंचलों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब राशि शासन की है, तो श्रेय केवल चुनिंदा नेता क्यों ले रहे हैं।

गुणवत्ता पर उठे सवाल 

नाम चमकाने की इस राजनीति के बीच ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि नेताओं को नाम लिखवाने से ज्यादा इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि ये निर्माण कितने समय तक टिक पाएंगे। फिलहाल जनपद की इस नेम प्लेट राजनीति ने प्रशासन की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप कर सरकारी संपत्तियों से राजनैतिक नामों को हटाने का निर्देश देते हैं।



 

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