अध्यक्ष की छवि धूमिल करने की रची जा रही साजिश

कछवाहा समाज विवाद

कछवाहा समाज अध्यक्ष की छवि धूमिल करने की रची जा रही साजिश

  • अध्यक्ष रंजीत कछवाहा ने आरोपों को बताया निराधार
  • श्रीराम मंदिर ट्रस्ट विवाद, चुनाव से पहले वित्तीय अनियमितता के आरोप राजनीति से प्रेरित
  • रंजीत कछवाहा ने प्रेस वार्ता में रखा अपना पक्ष

मंडला महावीर न्यूज 29. श्रीराम मंदिर ट्रस्ट कछवाहा समाज मंडला के अध्यक्ष रंजीत कछवाहा ने प्रेस वार्ता आयोजित कर अपने ऊपर लगे आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में उनके विरुद्ध की गई शिकायत पूरी तरह झूठी और उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से की गई है।
रंजीत कछवाहा ने बताया कि शिकायतकर्ता शिवराज कछवाहा और कोमल कछवाहा आदतन विवादित व्यक्ति हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी समाज या ट्रस्ट के चुनाव नजदीक आते हैं, ये लोग नेतृत्व करने वाले व्यक्तियों पर वित्तीय अनियमितता और गाली-गलौज जैसे झूठे आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करते हैं। पूर्व में भी ये लोग समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और सीए के साथ इसी तरह का र्दुव्यवहार कर चुके हैं।

चुनाव और मनोनयन पर विवाद 

अध्यक्ष ने बताया कि आगामी समय में ट्रस्ट के चुनाव होने हैं। पूर्व में भी इन व्यक्तियों ने मतदान प्रक्रिया का विरोध कर स्वयं को नियम विरुद्ध मनोनीत करा लिया था, जिसे बाद में समाज ने रद्द कर दिया था। रंजीत कछवाहा ने बताया कि इन विवादों के कारण ही समाज के प्रतिष्ठित लोग अब पदों की जिम्मेदारी लेने से कतराने लगे हैं।

दस्तावेजों को लेकर घेरा 

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महत्वपूर्ण दस्तावेज शिकायतकर्ताओं के पास हैं, जिन्हें वे कई बार मांगने के बावजूद वापस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने ऑडिट रिपोर्ट को गलत बताए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि समाज के नियमों को ताक पर रखकर ईष्र्या वश केवल उन्हें ही निशाना बनाया जा रहा है।

प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग 

रंजीत कछवाहा ने प्रशासन पर विश्वास जताते हुए कहा कि चूंकि मामला जनसुनवाई में पहुँचा है, इसलिए मैं जिला प्रशासन के हर आदेश का पालन करूँगा और निष्पक्ष जांच में सहयोग दूँगा। उन्होंने निवेदन किया कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट मध्य प्रदेश न्यास अधिनियम 1962 के तहत पंजीकृत है, अत: इसका संचालन नियमानुसार ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधियों ने वर्तमान में ट्रस्ट के कार्यालय में जबरन ताला लगाकर नियम विरुद्ध कब्जा कर रखा है, जिस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।



 

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