ककैया खदान विवाद
ग्रामीणों के समर्थन में उतरी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, उग्र आंदोलन की चेतावनी
- पत्रकारों पर हमले को गोंगापा ने बताया लोकतंत्र की हत्या
- प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने संभाला मोर्चा
- बाहुबल और अवैध ब्लास्टिंग से थर्राया बीजेगांव
मंडला महावीर न्यूज 29. तहसील बिछिया के अंतर्गत ककैया डोलामाइट खदान में कवरेज करने गए पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता और बंधक बनाए जाने की घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगापा) के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने अपने समर्थकों के साथ प्रभावित क्षेत्र बीजेगांव का दौरा किया। उन्होंने स्कूल भवनों में आई दरारों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से संवाद कर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
पत्रकारों पर हमला और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
कमलेश तेकाम ने कहा कि पत्रकारों पर हमला करना लोकतंत्र का गला घोंटने के समान है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी जिला जनसंपर्क अधिकारी और स्थानीय विधायक खामोश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खदान संचालक को सत्ता और विपक्ष दोनों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण खनिज विभाग जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है।
अवैध ब्लास्टिंग से सरकारी संपत्ति को नुकसान
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मैसर्स विनोद कुमार अग्रवाल की खदान (खसरा नं. 1472) में हो रही हैवी ब्लास्टिंग के कारण बीजेगांव के शासकीय स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खदान माफिया के डर से वे अपनी आवाज नहीं उठा पा रहे हैं। चांदी के सिक्कों के दम पर पूरा प्रशासनिक अमला बिका हुआ नजर आ रहा है।
दोबारा कवरेज करने पहुँचे दल से फिर अभद्रता
हैरानी की बात यह है कि शुक्रवार को जब पत्रकारों का एक दूसरा दल वस्तुस्थिति जानने खदान स्थल पहुँचा, तो सुरक्षा की मांग के बावजूद उनके साथ फिर से अभद्रता की कोशिश की गई। सूत्रों का दावा है कि इस क्षेत्र में बंद पड़ी खदानों की रॉयल्टी का अवैध उपयोग किया जा रहा है और ओवरलोड वाहनों ने सरकारी सड़कों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
कलेक्टर की छवि धूमिल करने का प्रयास
चर्चा है कि जिले के कलेक्टर सोमेश मिश्रा की छवि को खनिज विभाग के कुछ अधिकारी अपनी मिलीभगत से धूमिल कर रहे हैं। हालांकि, बिछिया एसडीएम सोनाली देव ने मामले की जांच की बात कही है और खनिज विभाग का दल भी मौके पर पहुँचा था, लेकिन अब तक जांच के परिणाम सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
आंदोलन की चेतावनी
गोंगापा अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने स्पष्ट किया है कि वे इस लड़ाई में पत्रकारों और ग्रामीणों के साथ हैं। यदि खदान संचालक पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और अवैध ब्लास्टिंग नहीं रुकी, तो जिला प्रशासन के विरुद्ध बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस घटना को लेकर अब पूरे प्रदेश के पत्रकार लामबंद हो रहे हैं।











