बबलिया उपतहसील भवन निर्माण में भारी लापरवाही
गुणवत्ताविहीन कार्य से ग्रामीणों में रोष
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा उपतहसील भवन
- घटिया निर्माण और कछुआ चाल से परेशान किसानों ने की तहसीलदार बैठाने की मांग
- इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत का आरोप
मंडला महावीर न्यूज 29. स्थानीय देवरी कला बबलिया में निर्माणाधीन उपतहसील भवन भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। पिछले एक वर्ष से कछुए की चाल से चल रहा यह निर्माण कार्य न केवल धीमी गति से हो रहा है, बल्कि इसकी गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष संदेश जायसवाल और महामंत्री संतोष बर्मन सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द तहसीलदार कार्यालय शुरू करने की मांग की है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि पीआईयू के सब इंजीनियर और एसडीओ की ठेकेदार के साथ कथित मिलीभगत के चलते लीपापोती का कार्य किया जा रहा है। निर्माण में तकनीकी मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कॉलम और बीम की सेटिंग एक साथ नहीं लगाई गई है, जिससे वे एक लेवल में नहीं दिख रहे हैं। गिट्टी, रेत और सीमेंट का मसाला गुणवत्ताविहीन है और लोहे का उपयोग भी निर्धारित मात्रा में नहीं किया गया है। वाइब्रेटर का प्रयोग न करने से बीम कमजोर हैं और गड्ढों की गहराई भी पर्याप्त नहीं रखी गई है, जिससे भविष्य में भवन में दरारें आने का खतरा बढ़ गया है।
किसानों की बढ़ती मुश्किलें
ग्रामीणों का कहना है कि उपतहसील घोषित हुए वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन मुख्यालय में तहसीलदार के न बैठने के कारण किसानों को छोटे-छोटे कार्यों जैसे फौतीनामा, बंटवारा और सीमांकन के लिए तहसील मुख्यालय निवास के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं, जबकि कई राजस्व प्रकरण न्यायालय में लंबे समय से लंबित पड़े हैं।
ग्रामीणों ने की मांग
मंडल अध्यक्ष एवं समस्त ग्रामीण जनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भवन निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। निर्माण कार्य समय सीमा में पूर्ण कर तत्काल तहसीलदार कार्यालय का शुभारंभ किया जाए। किसानों की सुविधा के लिए राजस्व प्रकरणों का स्थानीय स्तर पर ही निराकरण सुनिश्चित हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण में सुधार और कार्यालय शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।










