मालगाडिय़ों के चक्कर में मेमू ट्रेन बनी पैसेंजर

नागपुर डिवीजन के कंट्रोलर की मनमानी

  • मालगाडिय़ों के चक्कर में मेमू ट्रेन बनी पैसेंजर का दर्द
  • घंटों आउटर पर खड़ी रहती है गढ़ा-गोंदिया मेमू
  • रेल यात्रियों की छूट रही कनेक्टिंग ट्रेनें और रिजर्वेशन

मंडला महावीर न्यूज 29. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन में रेल परिचालन की अव्यवस्था अब यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। गढ़ा से गोंदिया जाने वाली गाड़ी संख्या 68818 और गोंदिया से गढ़ा जाने वाली 68817 (मेमू ट्रेन) के संचालन में बरती जा रही लापरवाही से आम यात्री बेहाल हैं। आरोप है कि नागपुर डिवीजन के चीफ कंट्रोलर का पूरा ध्यान केवल मालगाडिय़ों को रास्ता देने पर रहता है, जिसके चलते यात्री ट्रेनों को घंटों स्टेशनों और आउटर पर खड़ा कर दिया जाता है।

रेल यात्रियों का आरोप है कि कंट्रोलर साहब की प्राथमिकता सूची में मालगाडिय़ां सबसे ऊपर हैं। गढ़ा-गोंदिया मेमू ट्रेन को कभी बरसोला स्टेशन पर एक घंटे, तो कभी गोंदिया आउटर पर डेढ़ से दो घंटे तक खड़ा रखा जाता है। इस दौरान भीषण गर्मी या ठंड में यात्री बिना चाय-पानी के स्टेशनों पर फंसे रहते हैं और रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को कोसते नजर आते हैं। कनेक्टिंग ट्रेनों का टूट रहा संपर्क ट्रेन के विलंब से चलने का सबसे बुरा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है जिन्हें गोंदिया से आगे की यात्रा करनी होती है। यदि मेमू ट्रेन समय पर गोंदिया पहुँच जाए, तो यात्रियों को आगे जाने के लिए तत्काल 4 से 5 अन्य गाडिय़ाँ मिल सकती हैं। लेट लतीफी के कारण कई यात्रियों की आगे की आरक्षित टिकटें रद्द हो जाती हैं। मजबूरी में यात्रियों को पूरी रात गोंदिया स्टेशन पर ही गुजारनी पड़ती है।

स्टेशन मास्टरों की बढ़ी फजीहत

कंट्रोलर की मनमानी का खामियाजा मार्ग में पडऩे वाले स्टेशन मास्टरों को भी भुगतना पड़ रहा है। जब यात्री गाड़ी लेट होने पर स्टेशन मास्टर पर दबाव बनाते हैं, तो वे बेबस नजर आते हैं। कंट्रोलर के आदेश के आगे स्टेशन मास्टर नतमस्तक रहते हैं और दबाव बढऩे पर बस अगले स्टेशन तक गाड़ी को रवाना कर दिया जाता है, जहाँ फिर वही स्थिति दोहराई जाती है।

अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल 

नागपुर डिवीजन के आला अधिकारियों को यात्रियों की इन सुविधाओं से कोई सरोकार नजर नहीं आ रहा है। मालगाडिय़ों से होने वाली आय के चक्कर में आम आदमी के समय और उसकी परेशानियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। रेल यात्रियों ने मांग की है कि मेमू ट्रेनों के समय पालन में सुधार किया जाए ताकि कनेक्टिंग ट्रेनें पकडऩे वाले यात्रियों को राहत मिल सके।



 

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