रेत के अवैध खेल ने ली मासूम की जान

रेत के अवैध खेल ने ली मासूम की जान

बेलगाम डंपर ने बाइक सवार किशोर को रौंदा

  • पीपरपानी के पास हुआ भीषण हादसा
  • डंपर चालक फरार
  • ग्रामीणों में भारी आक्रोश

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में बेखौफ दौड़ते रेत से भरे डंपर काल बनकर सड़कों पर घूम रहे हैं। ताजा मामला महाराजपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ पीपरपानी के समीप एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में 19 वर्षीय किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद चालक डंपर लेकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

बाजार जाने के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मधुपुरी निवासी 19 वर्षीय दीपांशु सिंगरौरे अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर घर से मंडला बाजार जा रहा था। जैसे ही उनकी बाइक पीपरपानी क्षेत्र के पास पहुँची, पीछे से आ रहे रेत से लदे एक अनियंत्रित डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक बाइक सहित सड़क पर दूर जा गिरे। दीपांशु डंपर के नीचे आने के कारण गंभीर रूप से चोटिल हो गया।

जिला अस्पताल में तोड़ा दम

दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को निजी वाहनों की मदद से जिला अस्पताल मंडला पहुँचाया। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने दीपांशु का परीक्षण किया और उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे युवक की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिसका उपचार आईसीयू में चल रहा है।

प्रशासन और रेत माफिया के गठजोड़ पर सवाल

इस घटना के बाद से मधुपुरी और पीपरपानी क्षेत्र के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेत के परिवहन में लगे डंपर निर्धारित गति सीमा का पालन नहीं करते और आबादी वाले क्षेत्रों में भी मौत बनकर दौड़ते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद डंपर चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार और बढ़ा दी और मौके से रफूचक्कर हो गया।

पुलिस की कार्रवाई

महाराजपुर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी कैमरों और डंपर के रूट की जांच की जा रही है ताकि आरोपी चालक की गिरफ्तारी की जा सके। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही डंपर को जब्त कर लिया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर जिले में ‘रेत के खेल’ और उससे होने वाली जनहानि को उजागर करती है। दीपांशु की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है।



Leave a Comment