न्याय की गुहार, मारपीट के बाद रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे आरोपी
- पीडि़त परिवार ने पुलिस से मांगी सुरक्षा
- आपसी विवाद में कुल्हाड़ी से हमला
- पीडि़त परिवार को हरिजन एक्ट में फंसाने की मिल रही धमकी
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के थाना महाराजपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम भपसाटोला रामपुर में पुरानी रंजिश और मामूली विवाद को लेकर एक परिवार पर कुल्हाड़ी और लाठियों से जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अब पीडि़त परिवार को रिपोर्ट वापस लेने के लिए डराया-धमकाया जा रहा है।
शिकायतकर्ता देवीदयाल बरमैया ने बताया कि घटना 21 जनवरी की रात करीब 8 बजे की है। जब उनके भाई गणेश बरमैया के घर घाट में काम करने के लिए कुदाली लेकर जा रहे थे, इसी दौरान ग्राम भपसाटोला का दुलीचंद मिला और पूछा कहां जा रहे हो, देवीदयाल ने कहां कि वह गणेश घर कुदाली लेने आया था, लेकर जा रहा हूं, इसी दौरान भपसाटोला का राखी झारिया और उसकी पत्नी शंकरी बाई और लड़का लकी झारिया आया और शंकरी बाई उससे कहने लगी कि मुझे घूर कर क्यों देख रहे हो और उसके बाद उन्हें रोककर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने हाथ-मुक्के से मारपीट शुरू की। इसी बीच आरोपी दुर्गेश सिंगरौर और कल्लू झारिया लकड़ी और कुल्हाड़ी लेकर आ गए।
कुल्हाड़ी से किया हमला
शिकायतकर्ता देवीदयाल बरमैया ने बताया कि आरोपियों ने बर्बरता की हदें पार करते हुए गणेश के सिर पर कुल्हाड़ी की मुधिया (पिछला हिस्सा) से हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए देवीदयाल, अखिलेश, करन और अभिषेक को भी लाठियों और कुल्हाड़ी से पीटा गया। पीडि़तों के सिर, पीठ और जबड़े में गंभीर चोटें आई हैं।
रिपोर्ट वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव
इस मामले में थाना महाराजपुर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया। वहीं पीडि़त परिवार का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बाद अब अनावेदकगण राखी झारिया, शंकरी, लकी, कल्लू और दुर्गेश उन पर रिपोर्ट वापस लेने और राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। पीडि़तों ने अब मंडला पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर बताया कि आरोपी उन्हें रास्ते में रोककर जान से मारने और हरिजन आदिवासी एक्ट के झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। भयभीत परिवार ने पुलिस प्रशासन से जान-माल की रक्षा और आरोपियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है।









