जनभावनाओं के विपरीत और निराशाजनक बजट- विधायक नारायण सिंह पट्टा
- बजट ने मध्यम वर्ग को ठगा और गरीबों की थाली रखी खाली
- बजट पर तीखा प्रहार, आवाज ज्यादा और सामान कुछ नहीं, यह तो खाली डिब्बे जैसा बजट
मंडला महावीर न्यूज 29. पेश हुए बजट को लेकर बिछिया विधानसभा के विधायक नारायण सिंह पट्टा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इस बजट को खाली डिब्बा करार देते हुए कहा है कि इसमें शोर तो बहुत है, लेकिन आम जनता के लिए ठोस कुछ भी नहीं। बजट के प्रति नकारात्मक रुझान का असर शेयर बाजार पर भी दिखा, जो घोषणाओं के बाद धड़ाम से गिर गया। बजट का विश्लेषण करते हुए कहा गया कि यह युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए एक बड़े झटके जैसा है। मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना जिन्हें लेकर पिछले सत्रों में बड़े दावे किए गए थे, उनके बजट का इस बार कोई स्पष्ट जिक्र नहीं मिला। इसे गाँव और गरीब के लिए जीरो बजट बताया जा रहा है, जिसमें युवाओं के रोजगार को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है।
बजट मध्यम वर्ग और टैक्स का बोझ
बजट की आलोचना करते हुए इसे टैक्स शोषण की संज्ञा दी गई है। बढ़ती महंगाई के बावजूद आम जनता को टैक्स में कोई विशेष राहत नहीं दी गई, जिससे मध्यम वर्ग खुद को ठगा महसूस कर रहा है। आरोप लगाया गया है कि एक तरफ अमीरों के कारोबार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की छूट दी गई हैं, वहीं दूसरी तरफ बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली खाली रह गई है।
सामाजिक सुरक्षा पर सवाल
बजट को जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए कहा गया कि शोषित और वंचित वर्ग के लिए सामाजिक सुरक्षा केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रह गई है। छोटे दुकानदार, मजदूर और श्रमिक इस बजट में अपने लिए राहत की बूंदें दूरबीन लेकर ढूंढ रहे हैं। कुल मिलाकर, इस बजट ने जनता को राहत देने के बजाय उनमें आक्रोश भरने का काम किया है, जिसे पूर्णत: निराशाजनक और निंदनीय बताया जा रहा है।










