मधुपुरी में फूटा आक्रोश: बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण
खाली बर्तन लेकर मुख्य मार्ग पर किया 4 घंटे चक्काजाम
- जलसंकट की आग: 3500 की आबादी और मात्र 3 हैंडपंप
- मधुपुरी के ग्रामीणों ने पदमी-घुघरी मार्ग किया ठप
- प्रशासनिक लापरवाही पर भारी पड़ा जनआक्रोश
- दूषित पेयजल और टूटी पाइपलाइन को लेकर कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
मंडला महावीर न्यूज 29| ग्राम पंचायत मधुपुरी में पिछले कई वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या ने बुधवार को उग्र रूप ले लिया। गांव में व्याप्त भीषण जलसंकट और पिछले 10 दिनों से ठप पड़ी जलापूर्ति से नाराज होकर सैकड़ों ग्रामीणों ने पदमी-घुघरी मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सुबह 9:30 बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर 2:00 बजे तक चला, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
3500 की जनसंख्या और बूंद-बूंद का संघर्ष
ग्रामीणों ने बताया कि 3500 की आबादी वाले इस गांव में केवल 3 हैंडपंप चालू हालत में हैं, जिससे प्यास बुझाना नामुमकिन हो गया है। हाल ही में नाली निर्माण के दौरान लापरवाही बरतते हुए पेयजल की मुख्य पाइपलाइन तोड़ दी गई, जिसे सुधारने का वादा तो किया गया लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। महिलाएं और बच्चे घंटों कतार में लगकर पानी के लिए मोहताज हैं।
दूषित पानी से मंडरा रहा मौत का साया
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जलापूर्ति के वाल्व कुंड (चैंबर) में नाली का गंदा पानी समा रहा है। इंदौर के भगीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि इसी गंदे पानी की सप्लाई घरों में होने की संभावना है, जिससे कभी भी बड़ी महामारी फैल सकती है। निर्माण कार्य इतना अव्यवस्थित है कि गंदा पानी निकलने का रास्ता ही बंद हो गया है।
अधिकारियों की देरी और तीखी बहस
चक्काजाम की सूचना पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले और युवा कांग्रेस अध्यक्ष संजू अहिरवार मौके पर पहुंचे। हैरानी की बात यह रही कि करीब 4 घंटे तक न तो पंचायत का कोई प्रतिनिधि और न ही विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। बाद में जब पीएचई (PHE) और एमपीआरडीसी (MPRDC) के अधिकारी पहुंचे, तो ग्रामीणों और नेताओं के साथ उनकी तीखी बहस हुई।
लिखित आश्वासन के बाद खुला जाम
बम्हनी नायब तहसीलदार और पीएचई विभाग के अधिकारी मनोज भास्कर ने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि नाली का गहरीकरण कर पेयजल व्यवस्था को 3 दिनों के भीतर बहाल किया जाएगा। अधिकारियों द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के बाद दोपहर 2 बजे जाम खोला गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
मुख्य मांगें:
- पाइपलाइन को तत्काल दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति बहाल करना।
- नाली निर्माण का गहरीकरण कर गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित करना।
- लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई।
- गांव में नए हैंडपंपों की स्थापना।
रिपोर्टर- गर्जेन्द्र पटेल, अंजनिया, मंडला ✍️










