जल जीवन मिशन की खुली पोल
- चकदेही में 88 लाख की पानी टंकी बनी शो-पीस, बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नल-जल योजना
- पाइप लाइन अधूरी और सूखी पड़ी टंकी, प्रशासन से जांच की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ग्राम पंचायत चकदेही में विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी के कारण दम तोड़ती नजर आ रही है। लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी आज सफेद हाथी साबित हो रही है, जबकि ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा इस योजना का कार्य 18 अगस्त 2022 को शुरू किया गया था। बोर्ड पर अंकित जानकारी के अनुसार 88 लाख 10 हजार रुपये की लागत से 12500 लीटर क्षमता वाली उच्च स्तरीय टंकी का निर्माण 9 माह में पूर्ण होना था। निर्माण तो हो गया, लेकिन आज भी आधे से ज्यादा गांव पाइप लाइन विस्तार के इंतजार में है।
इन मोहल्लों में नहीं पहुंची पाइपलाइन
पूर्व सरपंच जगदीश धुर्वे और उपसरपंच गौतम यादव ने बताया कि योजना में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। बताया गया कि बैगा टोला, सरपंच मोहल्ला, पीपर टोला और चौधरी मोहल्ला में अब तक पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई है। वहीं टिकरा टोला में पाइप बिछे तो हैं, लेकिन पानी नहीं पहुंच रहा। इसके साथ ही गांव के तितरा दुकान से कापा चौराहा तक सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन खोद दी गई है, जिसे ठीक नहीं किया गया।
छल कपट कर रहे ठेकेदार
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने बिना कार्य पूर्ण किए और बिना टेस्टिंग के ही योजना को पंचायत के सुपुर्द करने का झूठा दावा किया है। पूर्व सरपंच का कहना है कि पंचायत को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही योजना चालू की गई। इसके अलावा टंकी भरने के लिए जो बोर खनन किया गया है, उसके चलते गांव के अन्य हैंडपंप भी सूख गए हैं।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अधूरी पाइपलाइन के कार्य को तत्काल पूर्ण कराया जाए। उन्होंने सुझाव दिया है कि केवल बोर पर निर्भर रहने के बजाय नर्मदा नदी से पाइप लाइन विस्तार कर पानी टंकी को भरा जाए, जिससे हर घर में नल के माध्यम से जल पहुंच सके। पेयजल की समस्या हल न होने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।










