छतरपुर पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच के दौरान हंगामा, दो साल का रिकॉर्ड गायब होने पर लौटी टीम
- सचिव की लापरवाही ने रोकी जांच
- कैशबुक अधूरी होने पर बिफरे ग्रामीण
- भ्रष्टाचार छुपाने के लगे आरोप
मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत घुघरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत छतरपुर में उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने पहुंची टीम के सामने पंचायत का कच्चा चि_ा खुल गया। सचिव द्वारा पिछले दो वर्षों का वित्तीय रिकॉर्ड (कैशबुक) तैयार न होने के कारण जांच दल को अपनी कार्रवाई बीच में ही रोककर वापस लौटना पड़ा।
जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत छतरपुर में वर्ष 2022 से 2025 के बीच पंच परमेश्वर योजना और नल-जल योजना सहित अन्य विकास कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत घुघरी से एक उच्च स्तरीय जांच दल दोपहर 3 बजे पंचायत भवन पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और शिकायतकर्ता भी साक्ष्यों के साथ मौजूद थे।
जांच में बड़ा खुलासा
जांच समिति ने जब ग्रामीणों की मौजूदगी में एक-एक कर शिकायतों की समीक्षा शुरू की और वित्तीय पारदर्शिता की जांच के लिए कैशबुक मांगी, तो चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई। पंचायत सचिव द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 और आगामी 2025-26 की कैशबुक अब तक तैयार ही नहीं की गई थी। बिना कैशबुक और आधिकारिक वाउचर के यह पता लगाना असंभव था कि सरकारी राशि का भुगतान कहाँ और कैसे किया गया। रिकॉर्ड के अभाव में जांच टीम ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और बैरंग लौट गई।
भ्रष्टाचार छुपाने के लिए गायब किया रिकॉर्ड
जांच पूरी न होने से मौके पर मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामवासियों का सीधा आरोप है कि भ्रष्टाचार की परतों को ढंकने के लिए सचिव ने जानबूझकर रिकॉर्ड अधूरा रखा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि लापरवाह सचिव पर तत्काल कार्रवाई की जाए और रिकॉर्ड जब्त कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो। जांच दल के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने रिकॉर्ड के अभाव में कार्य रोक दिया है और इस पूरी अव्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट जनपद सीईओ और जिला प्रशासन को भेजी जा रही है।









