जनपद अध्यक्ष का तूफानी दौरा
सिवनी और फड़की में खुली सरकारी दावों की पोल, शिक्षा से लेकर पेयजल व्यवस्था चौपट
- स्कूल से शिक्षक नदारद, छात्रावासों में लटके ताले
- अव्यवस्था देख बिफरे जनपद अध्यक्ष आशाराम
मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज जनपद पंचायत अध्यक्ष आशाराम भारतीया ने जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिवनी और फड़की रैयत-माल का सघन दौरा किया। इस दौरान विकास कार्यों की जमीनी हकीकत देखकर अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। क्षेत्र में कहीं राशन, कहीं स्वास्थ्य, तो कहीं शिक्षा और पेयजल व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरी नजर आई।
दौरे के पहले पड़ाव में ग्राम पंचायत फड़की रैयत और फड़की माल के ग्रामीणों ने पेयजल संकट को लेकर अध्यक्ष को घेरा। ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है। गांव में पाइपलाइन तो बिछाई गई है, लेकिन घरों में टोंटियां नहीं लगाई गईं, जिसके कारण पाइपलाइन विस्तार का कोई लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। अध्यक्ष ने इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
स्कूल में बच्चों के साथ किया भोजन
फड़की रैयत माल में अध्यक्ष ने मेरा विद्यालय, सुंदर विद्यालय अभियान के तहत गोद लिए गए प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का अवलोकन किया और दोपहर में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन किया। बताया गया कि माध्यमिक शाला में 28 और प्राथमिक शाला में 41 बच्चे दर्ज हैं। वहीं स्कूल भवन का लेंटर जीर्ण-शीर्ण हालत में है और बच्चों के लिए खेल मैदान नहीं है। अध्यक्ष ने इन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।
सिवनी में सचिव और शिक्षक मिले गायब
जब जनपद अध्यक्ष ग्राम पंचायत सिवनी पहुंचे, तो वहां अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। ग्राम पंचायत कार्यालय में सचिव और सहायक सचिव अनुपस्थित पाए गए। शिक्षा व्यवस्था का हाल और भी बुरा था। एकीकृत माध्यमिक शाला में तैनात 4 शिक्षकों में से 2 गायब थे। माध्यमिक शाला में 53 में से मात्र 23 बच्चे और प्राथमिक शाला में 46 में से बहुत कम बच्चे उपस्थित मिले। बताया गया कि 8 जनवरी से सभी छात्रावास खुलने के आदेश के बावजूद सिवनी माल का छात्रावास बंद पाया गया। शिक्षकों ने तर्क दिया कि छात्रावास बंद होने से बच्चे नहीं आ रहे हैं।
बीईओ पर बरसे अध्यक्ष
निरीक्षण के दौरान मिली भारी खामियों पर जनपद अध्यक्ष ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का दौरा नहीं कर रहे हैं। अधिकारी अपनी कुर्सी बचाने और जबलपुर से आने-जाने में समय खराब कर रहे हैं, जिसका सीधा असर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने कड़ी निंदा करते हुए जिला प्रशासन से इस ओर तत्काल ध्यान देने की मांग की है।










